चंडीगढ़ / 1947 में पाकिस्तान से राजपुरा शिफ्ट हुए 22 परिवारों ने हाईकोर्ट का किया रुख

22 families shifted from Pakistan to Rajpura in 1947 moved to Punjab and Haryana High Court.
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22 families shifted from Pakistan to Rajpura in 1947 moved to Punjab and Haryana High Court.

  • कहा, जिस कस्तूरबा सेवा आश्रम में उन्हें शिफ्ट किया गया था वहां के कमरे अब रहने लायक नहीं
  • पंजाब सरकार को नोटिस जारी, 8 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

दैनिक भास्कर

Sep 02, 2019, 06:59 PM IST

चंडीगढ़ (ललित कुमार). 1947 में बटवारे के बाद पाक्सितान से राजपुरा शिफ्ट हुए 22 परिवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि जिस कस्तूरबा सेवा आश्रम में उन्हें शिफ्ट किया गया था उस आश्रम के कमरे अब रहने लायक नहीं हैं।

 

उनके मुताबिक कमरे पूरी तरह से खराब हो चुके है। परिवारों की मांग है कि या तो उन्हें कमरे का मालिक बनाया जाए ताकि वो उसमे बदलाव कर सकें या उन्हें राजपुरा में कहीं और रहने की जगह मुहैया करवाई जाए।

 

कोर्ट ने पंजाब सरकार, सोशल सिक्योरिटी विभाग, पेप्सू डेवलपमेंट बोर्ड और अन्य प्रतिवादियों को इस संदर्भ में नोटिस जारी किया। जस्टिस दया चौधरी की खंडपीठ ने मामले पर 8 नवंबर के लिए अगली सुनवाई तय की है।

 

याचिकाकर्ता के वकील हरिचंद अरोड़ा ने बताया कि 2014 में पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री ने इन 46 परिवारों को अन्य जगह पर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। जबकि प्रशासन ने सिर्फ 13 परिवारों को रिऐलोकेशन प्रोजेेक्शन के तहत रहने के लिए दूसरा ठिकाना मुहैया करवाया। 33 में से 11 परिवारों ने आश्रम छोड़ दिया था जबकि बचे हुए 22 परिवार अब हाईकोर्ट पहुंचे हैं।

 

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