ट्रायल / टोल प्लाजा से 28 हजार गाड़ियां गुजरीं; 8500 में फास्टैग थे, कैश की लाइनों में लगा लंबा जाम

टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन पर कम वाहन दिखे टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन पर कम वाहन दिखे
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टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन पर कम वाहन दिखेटोल प्लाजा पर फास्टैग लेन पर कम वाहन दिखे

  • स्मूथ ट्रैफिक फ्लो उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा ट्रायल
  • फास्टैग सुविधा दप्पर टोल प्लाजा पर पहला ट्रायल शुरू

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 10:52 AM IST

डेराबस्सी. देशभर में नेशनल हाइवे के तमाम टोल प्लाजा पर 15 दिसंबर सुबह 8 बजे से फास्टैग अनिवार्य होगा। इसी की तैयारियों को लेकर अंबाला- चंडीगढ़ हाइवे के दप्पर टोल प्लाजा पर पहला फास्टैग ट्रायल किया गया। स्मूथ ट्रैफिक फ्लो उम्मीदों पर खरा न उतरते हुए ट्रायल फेल साबित हुआ।

कैश टोल की दो-दो लेन के बावजूद टोल प्लाजा के दोनों तरफ आधा-आधा किमी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, वाहन चालकों की सुविधा के लिए 10 अतिरिक्त मार्शल भी लगाए गए थे, परंतु ट्रैफिक ट्रायल समाप्त होने के बाद ही सामान्य हो पाया। नेशनल हाईवे पर यह नई व्यवस्था पहले 1 दिसंबर को लागू होनी थी, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए डेट एक्सटेंड की गई। नई सुविधा से राहगीरों के समय, खर्च और परेशानी में कटौती का दावा किया जा रहा था, परंतु हुआ इसके उलट ही। 12 लेन दप्पर टोल प्लाजा की है जिसमें से 8 लेन ट्रायल दौरान फास्टैग धारकों के लिए समर्पित की गईं जबकि कैश टोल वालों के लिए सिर्फ दो-दो लेन ही दोनों तरफ मुहैया थीं।

दोपहर साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे तक हुए ट्रायल के शुरुआती मिनटों में ही कैश टोल वाली लेन पर वाहनों की भीड़ कई गुना बढ़ती गई। हालांकि, दो सुपरवाइजर व आठ मार्शल टोल संचालक कंपनी ने तैनात किए जो चालकों को उनके टैग मुताबिक लेन में कतारबद्ध करने में जुटे रहे परंतु कैश लेन की कतार घटने की बजाय लगातार लंबी होती जा रही थी। डेढ़ बजे ट्रायल समाप्त होने तक दोनों तरफ करीब आधा-आधा किमी तक कैश लेन में वाहनों की कतारें लग गईं। दूसरी तरफ, फास्टैग की चार लेन में कतार लगना तो एकतरफ, ज्यादातर खाली ही नजर आई।

ट्रायल फेल होने की यह रही मुख्य वजह
नई सुविधा लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती फास्टैग धारक व गैर धारकों की संख्या के बीच बड़ा अंतर रहा। हालांकि, टोल प्लाजा पर 38 हजार गाड़ियों के अपडाउन की औसत है। मंगलवार को यहां से 28 हजार गाड़ियां गुजरीं। परंतु टैग धारकों की संख्या महज 8500 के आसपास ही रही। जीएमआर के सीआरओ दीपक अरोड़ा के अनुसार आज फास्ट टैग यूजर्स का औसत करीब 31 फीसदी रहा।

मौजूद नवंबर महीने में फास्टैग संख्या बढ़कर 10 हजार से अधिक जरूर हो गई है, परंतु कम से कम इससे दोगुना यूजर्स होने पर ही स्थिति सामान्य होने के आसार हैं। अन्यथा 15 दिसंबर के बाद भी जाम लगने के पूरे आसार हैं। आज तो कैश धारकों के लिए दोनों तरफ डबल लेन थी परंतु सिंगल लेन फार्मूला तो पूरी तरह नाकाम रहने वाला है।

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