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चंडीगढ़ / नहीं हुआ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का असर, पटाखों ने छीनी 12 की रोशनी



36 people injured to firecrackers
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36 people injured to firecrackers

  • सर्जरी के बाद भी इनकी आंख की रोशनी लौटने की संभावनाएं कम
  • मौलीजागरां में 30 साल के व्यक्ति की पटाखा जलाते समय आंख ही बाहर निकलकर गिर गई
  • 20 लोग पटाखे जलते देख रहे थे, इससे हो गई आई बर्न इंजरी
     

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 06:40 AM IST

चंडीगढ़. दिवाली की रात पटाखे चलाने से घायल हुए 36 लोग हॉस्पिटल्स पहुंचे। इनमें ज्यादातर बच्चे थे। बड़ी बात यह है कि इनमें से 12 की एक-एक की आंख की सर्जरी करनी पड़ी। सभी ऐसे मरीज हैं, जिनकी सर्जरी के बाद भी एक आंख की रोशनी आने की संभावना कम है। 

 

पीजीआई के एडवांस आई केयर सेंटर के एचओडी प्रो. एमआर डोगरा ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि पटाखे जलाने का समय कम होने के कारण आई बर्न के केस बहुत कम आएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले साल दिवाली के दिन ही 28 केस आए थे, इस बार 27 केस आए।

 

वहीं, वीरवार को 9 पेशेंट आए। डाॅक्टरों के मुताबिक घायलों में 11 ऐसे मरीज हैं, जिनकी उम्र 16 साल से कम है। कुल मिलाकर बुधवार और वीरवार को 36 केस आई बर्न के आए। 20 मरीज तो ऐसे हैं जो सिर्फ पटाखों को चलते देख रहे थे। 18 मरीज ट्राइसिटी के रहने वाले हैं, जबकि बाकी केस साथ लगते राज्यों से हैं। इनमें ज्यादा केस पंजाब से आए हैं, उसके बाद हरियाणा और साथ लगते हिमाचल के जिलों से आए हैं।
 

}10 साल के रुस्तम की एक आंख की गई रोशनी : 

टोहाना (हरियाणा) के 10 साल के रुस्तम की एक आंख की रोशनी चली गई है। डाॅक्टरों की माने तो आंख की रोशनी आएगी या नहीं, अभी कहा नहीं जा सकता। 6वीं क्लास में पढ़ने वाला रुस्तम पटाखे चला रहा था। जब पटाखा नहीं चला तो वह दोबारा उसे देखने के लिए जाने लगा, इसी दौरान वह फट गया। रुस्तम के पिता रमेश ने बताया कि वे खेतीबाड़ी का काम करते हैं। भविष्य में कभी पटाखे नहीं चलाने देंगे।

 

}चकरी में हुआ धमाका : 
मानसा की पांचवीं क्लास में पढ़ने वाली 9 साल की शाइरा ने चकरी चलाई। चकरी बंद होने के बाद वह उसे उठा रही थी। तभी उसमें धमाका हुआ। इसके चलते उसकी लेफ्ट आई में गंभीर चोट पहुंची।

 

}एक आंख की रोशनी गई :
कुरुक्षेत्र से आए प्रेम सिंह ने बताया कि हम इस बार पटाखे चलाने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन बच्चों ने जिद की। एक पटाखा नितिन की आंख में लगा। आंख में बुरी तरह चोट पहुंची है। 

 

} दो साल के बच्चे को पटाखे चलते देखना पड़ा भारी : 

2 साल का बच्चा भी पटाखों को देखते समय बुरी तरह से घायल हो गया। बच्चे की एक आंख की रोशनी जा चुकी है। वहीं, बद‌्दी से आई गुड़िया अपने घर के आंगन में खेल रही थी, इस बीच ऊपर से एक पटाखा जलता हुआ आया और उसकी आंख में लगा। हादसे में उसकी आंख बुरी तरह झुलस गई। ऑपरेशन के बावजूद बाई आंख की रोशनी चली गई है।

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