चंडीगढ़ / आयोग परेशान; क्योंकि, पंजाब के 5.06 लाख फर्स्ट वोटर, 3.4 लाख हैंडीकैप्ड वोटर ढूंढ नहीं पाया

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 05:20 AM IST



5.06 lakh first voters of Punjab
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5.06 lakh first voters of Punjab

  • सूबे में 9.5 लाख फर्स्ट वोटर्स लेकिन वाेट बनीं केवल 3.94 लाख
  • 80 हजार थर्ड जेंडर, आयोग को मिले सिर्फ 560 वोटर

चंडीगढ़. चुनाव आयोग पंजाब के फर्स्ट वोटर्स और हैंडीकैप्ड वोटर्स को लेकर उलझन में है। क्याेंकि इस बार 3.94 लाख फर्स्ट वाेटर्स अाैर 1.1 लाख हैंडीकैप्ड वोटर ने ही वाेट बनवाई है। जबकि जनसंख्या के अनुसार पंजाब में 9.5 लाख फर्स्ट वोटर अाैर 4.5 लाख हैंडीकैप्ड वोटर हाेने चाहिए। ऐसे में बाकी 5.06 लाख फर्स्ट वोटर और 3.4 लाख हैंडीकैप्ड वोटर कहां गए, इसे लेकर चुनाव आयोग परेशान है।

 

इस संबंध में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू ने बताया कि जनसंख्या के मुताबिक राज्य के जितने फर्स्ट वोटर और हैंडीकैप्ड वोटर होने चाहिए, वो नहीं हो पाए। इसे लेकर मुझे बहुत अफसोस है। वाेट कम बनने के पीछे एक कारण ये भी हाे सकता है कि पंजाब से हर साल 19 से 23 साल के लगभग 3 लाख 80 हजार बच्चे अमेरिका, कनाडा, अास्ट्रेलिया, यूके अाैर यूराेप चले जाते हैं।

 

पंजाब में चुनाव आयोग सिर्फ 560 किन्नर वोटर ही तलाश कर उनके वोट बना सका है। जबकि राज्य में किन्नरों की संख्या 60 से 80 हजार के करीब है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि किन्नर वोटर्स के कम वाेट बनने के पीछे सामाजिक कारण हाे सकता है।

 

2014 के लोकसभा चुनाव से कम फर्स्ट वोटर बने इस बार :

लोकसभा चुनाव-2019 में चुनाव आयोग 3.94 लाख फर्स्ट वोटर ही तलाश पाया है, जबकि इससे पहले विधानसभा चुनाव 2017 में चुनाव आयोग 4.05 लाख फर्स्ट वोटर तलाश किए थे। उससे पहले लोकसभा चुनाव 2014 में चुनाव आयोग ने 5.76 लाख फर्स्ट वोटर तलाश कर उनके वोट बनाए थे। लेकिन इस बार 2014 से कम वोट बने।

 

वोट कम बनना आयोग के लिए बड़े अफसोस की बात : राजू

 

 

जनसंख्या विभाग के दिए गए अांकड़ाें के अनुसार नए वोटर्स पूरे नहीं मिल पाए। यह अफसोस की बात है कि इतनी जद्दोजहद के बाद भी हम उस मुकाम तक नहीं पहुंच सके, जहां तक पहुंचना चाहिए था। इन्हें तलाशने में क्या कमियां रहीं, यह हमारे लिए चुनौती है। इनको तलाशने का काम आगे भी जारी रहेगा।-एस करुणा राजू, मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब

 

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