हरियाणा कैबिनेट / सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण, दिल्ली-बावल-अलवर रेपिड रेल कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ रुपए

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 09:08 AM IST


मुख्यमंत्री मनोहर लाल (फाइल फोटो) मुख्यमंत्री मनोहर लाल (फाइल फोटो)
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल (फाइल फोटो)मुख्यमंत्री मनोहर लाल (फाइल फोटो)
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  • एनसीआर के जिलों में 10 साल पुराने ट्रैक्टरों को एक साल की छूट
  • टेक्सटाइल पॉलिसी में संशोधन और सोनीपत में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी काे मंजूरी
  • कैबिनेट में कनेक्टिविटी, उद्याेगों, नौकरियों, खिलाड़ियों और किसानों के लिए किए अहम फैसले

पानीपत. बजट सत्र से ठीक पहले बुधवार को सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। हरियाणा सचिवालय में 4 घंटे चली बैठक में एनजीटी की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 10 साल पुराने ट्रैक्टर, कंबाइन पर लगाई गई रोक से एक साल के लिए छूट दी गई है।

 

दिल्ली-बावल-अलवर तक बनने वाले रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ रु. मंजूर किए हैं। केंद्र सरकार की ओर से सवर्णों को आर्थिक आधार पर दिए 10% आरक्षण को हरियाणा में भी लागू करने को मंजूरी दी। सोनीपत के राई में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला लिया है। 5 हजार करोड़ रु. के निवेश के लिए टेक्सटाइल पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी है।

 

रेपिड कॉरिडोर 132 किमी में 100 किमी हरियाणा में: कॉरिडोर ऑफ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अगले वित्त वर्ष के लिए 500 करोड़ रु. की मंजूरी के साथ हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट काॅरपोरेशन लिमिटेड को लोन लेने के लिए 5936 करोड़ रु. की गारंटी दी है। कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से मानेसर, धारूहेड़ा, बावल होते हुए अलवर जाएगा। करीब 132 किमी लंबे कॉरिडोर में करीब 100 किमी हिस्सा हरियाणा से गुजरेगा। प्रोजेक्ट पर हरियाणा का करीब 6500 करोड़ रु. खर्च आएगा। प्रोजेक्ट में बदलाव के लिए सीएम को अधिकृत किया है।

 

कृषि क्षेत्र में भी टैक्सटाइल उद्योग लगा सकेंगे: टेक्सटाइल पॉलिसी में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। 5 हजार करोड़ के निवेश से 50 हजार नए रोजगार का लक्ष्य है। इन उद्योगों में अकुशल रोजगार में 70% और कुशल में 30% रोजगार प्रदेश के लोगों को मिलेंगे। कोई भी व्यक्ति कृषि क्षेत्र में दिए गए औद्योगिक लाइसेंस के आधार पर उद्योग लगा सकेगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर का खर्च उसे देना होगा। वह चाहे तो सरकारी विभाग से भी यह तैयार करा सकेगा। इससे जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद व भिवानी जैसे काॅटन उत्पादक जिलों में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
 

सवर्णों को नौकरियों-दाखिलों में कोटा : केंद्र के बाद अब प्रदेश में भी आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10% आरक्षण लागू करने को मंजूरी दी है। इसे सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्थानीय निकायों में ग्रुप-ए, बी, सी और डी पदों पर सीधी भर्ती और सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए लागू किया जाएगा।

 

राई में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी : सोनीपत के राई में स्टेट स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। यहां खेल की तकनीकी, खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रबंधन, कोचिंग के क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्यपाल इस यूनिवर्सिटी के चांसलर होंगे। कुलपति यूनिवर्सिटी के प्रमुख कार्यकारी और अकादमिक अधिकारी होंगे। कुलपति के पास केवल अकादमिक प्रमाणिकता की बजाय खेल प्रमाणिकता की शक्तियां होंगी। यहां खेलों की बारीकियां सीखने को भी मिलेंगी।

 

दस साल पुराने ट्रैक्टर और कंबाइन पर तत्काल कार्रवाई नहीं : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनजीटी ने एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया था। एनसीआर में प्रदेश के 14 जिले शामिल हैं। यानी करीब 60 फीसदी हिस्सा कवर हो रहा था। कैबिनेट ने हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) विधेयक, 2019 के मसौदे को मंजूरी दी है। इसके जरिए 10 साल पुराने ट्रैक्टर और कंबाइन हारवेटस्टर पर एक साल तक कार्रवाई नहीं होगी। इन्हें धीरे-धीरे हटाया जाएगा।

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