चंडीगढ़ / डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ के लिए सेक्टर-48 में बनेगा 760 कमरों का हॉस्टल

जीएमसीएच-32(फाइल फोटो) जीएमसीएच-32(फाइल फोटो)
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जीएमसीएच-32(फाइल फोटो)जीएमसीएच-32(फाइल फोटो)

  • प्रशासन के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट की ओर से सेक्टर-48 में 760 कमरों के हॉस्टल बनाए जाने की प्लानिंग को दी मंजूरी
  • अभी सेक्टर 32 में डॉक्टर और नर्सिंग के दो हॉस्टल में 208 कमरे हैं,हॉस्पिटल स्टाफ को नाइट ड्यूटी की नहीं होगी दिक्कत

दैनिक भास्कर

Nov 25, 2019, 02:00 PM IST

चंडीगढ़. सेक्टर-32 जीएमसीएच एमबीबीएस डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट्स, जूनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ , बीएससी साइकेटरी, एमएससी साइकेट्री को अब हॉस्टल की शॉर्टेज नहीं रहेगी। प्रशासन के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट की ओर से सेक्टर-48 में 760 कमरों के हॉस्टल बनाए जाने की प्लानिंग को मंजूरी दे दी है। अभी सेक्टर 32 में डॉक्टर और नर्सिंग के दो हॉस्टल में 208 कमरे हैं।


हॉस्टल में कमरे कम होने की वजह से एमबीबीएस डॉक्टर और नर्सेज काे नाइट ड्यूटी करने में दिक्कत हाेती है। अब प्लानिंग डिपार्टमेंट की ओर से सेक्टर 48 में जमीन की फिजिबिलिटी क्लीयरेंस के लिए प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के पास प्रपोजल भेजी है।

इस जमीन पर बिजली पोल, टेलीफोन पोल, अंडर ग्राउंड वायर, अस्थाई स्ट्रक्चर, जमीन या अवैध निर्माण तो नहीं हुआ है। इस संबंधी फिजिबिलिटी क्लीयरेंस होने की रिपोर्ट आते ही प्लानिंग डिपार्टमेंट छह मंजिला हॉस्टल बिल्डिंग का नक्शा अप्रूव करके इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के पास भेज देगा।

इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग द्वारा सेक्टर-48 में हॉस्टल के निर्माण का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद इसे फाइनेंस सेक्रेटरी की अध्यक्षता वाली फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी में अप्रूवल के लिए ले जाया जाएगा।

इसके बाद इसकी एडवाइजर के माध्यम से प्रशासक की अप्रूवल लेनी होगी। इसके बाद बिल्डिंग बनाने के लिए इंजीनियरिंग विभाग द्वारा हेल्थ डिपार्टमेंट हेड से पेमेंट मांगी जाएगी। जीएमसीएच प्रशासन की ओर से पैसा जमा करवाए जाने के बाद ही इंजीनियरिंग विभाग सेक्टर-48 में 760 कमरों का छह मंजिला हॉस्टल बनाने का टेंडर काल करेगा।

टेंडर अलॉट होने के बाद इसके निर्माण का काम होने लगेगा। चीफ ऑर्किटेक्ट कपिल सेतिया का कहना है कि सेक्टर 48 में 760 कमरों का हाॅस्टल एमबीबीएस डाॅक्टर, सीनियर रेजिडेंट्स, जूनियर रेजिडेंट्स, नर्सेज, बीएससी अाैर एमएससी साइकेट्री स्टूडेंट्स के लिए बनाया जाएगा।

इसकी प्लानिंग की अप्रूवल हाे गई है। अब जमीन की फिजिबिलिटी के लिए इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से रिपाेर्ट मांगी है। इसके अाते ही हाॅस्टल बिल्डिंग का नक्शा अप्रूव किया जाएगा। इसे बनाकर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट काे भेजा जाएगा।

अभी सेक्टर-32 जीएमसीएच के एमबीबीएस डॉक्टर, जूनियर / सीनियर रेजिडेंट्स अाैर नर्सिंग स्टाफ या स्टूडेंट्स के लिए दाे हाॅस्टल हैं। इनमें 104-104 रूम हैं। दाेनाें हाॅस्टल में रूम कम हाेने के कारण एमबीबीएस स्टूडेंट्स, नर्सिंग स्टूडेंट्स अाैर बीएससी एवं एमएससी साइकेट्री स्टूडेंट्स काे अास पास के सेक्टर्स में हाउस लेने पड़ रहे हैं।

ऐसे में पढ़ाई बाधित होती है वहीं अस्पताल में समय कम दे पाते हैं। एमबीबीएस स्टूडेंट्स, जूनियर रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स का काम ज्यादातर प्रैक्टिकल का होता है, जिसे अस्पताल की अलग अलग वार्ड में जाकर पेशेंट्स के बीच किया जाता है।
 

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