90 साल की महिला से रेप का दोषी हाईकोर्ट से बरी, कोर्ट का सवाल-चल नहीं सकती तो फिर मंदिर कैसे जा रही थी

2 वर्ष पहले
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  • पीड़ित महिला के बेटे ने आपसी रंजिश के चलते मां के साथ रेप करने का लगाया था आरोप

चंडीगढ़ (ललित कुमार). 90 साल की वृद्ध महिला से रेप के दोषी 65 साल के व्यक्ति को हाईकोर्ट ने रिहा करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने फैसले में दोषी को संदेह का लाभ देते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच प्लाट को लेकर विवाद चल रहा है। यही नहीं पीड़ित के शरीर पर कोई चोट का निशान भी नहीं पाया गया। ऐसे में लगाए गए आरोप साबित नहीं हो रहे।
 
सुनवाई के दौरान कहा गया कि पीड़ित की ज्यादा उम्र होने से ठीक से सुन नहीं सकती और न ही ठीक से चल सकती है। दूसरी तरफ कहा गया कि वे अकेले दोपहर ढाई बजे मंदिर के लिए घर से निकली थी। यह कैसे हो सकता है कि परिवार के किसी सदस्य की मदद लिए बिना वृद्ध महिला मंदिर अकेले ही जाने के लिए घर से निकल गई। बेटे ने कहा कि उसने रेप होते देखा और आरोपी के मौके से भाग जाने पर उसने शोर मचाया।
 
कोर्ट ने कहा कि यह बात स्वीकार करने योग्य नहीं कि मां को बचाने के लिए बेटे ने तत्काल शोर न मचाया हो और आरोपी के भाग जाने का इंतजार किया हो। ऐसे में परिस्थिति जन्य साक्ष्य आरोप को साबित नहीं कर रहे। ऐसे में आरोपी को दोषमुक्त किया जा रहा है। 
 
यह है मामला
सितंबर 2013 में होशियारपुर जिला अदालत ने रघुबीर सिंह को रेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा दी थी। सजा के खिलाफ रघुबीर ने हाईकोर्ट में अपील की थी। पीड़ित महिला के बेटे ने शिकायत में कहा कि आरोपी ने आपसी रंजिश के चलते उसकी मां के साथ रेप किया।

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