क्राइम / 2008 में कहा था-पैसे जस्टिस यादव को जाने थे, 2019 में कहा-पुलिस ने धमकाकर बयान लिखवाए

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 11:31 AM IST


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  • जज नोट कांड सीबीआई का अहम गवाह 11 साल बाद बयानों से मुकरा

  • आरोपी संजीव बंसल के क्लर्क ने कहा, मुझे एएसपी का प्रेशर था

चंडीगढ़(रवि अटवाल). जस्टिस निर्मल यादव रिश्वत मामले में सीबीआई का एक और गवाह कोर्ट में अपने बयानों से मुकर गया। अगस्त 2008 को केस में मुख्य आरोपी संजीव बंसल के क्लर्क जय प्रकाश राणा ने जज के सामने बयान दिए थे कि वह रकम जस्टिस निर्मल यादव को भेजी जानी थी, जो गलती से जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गई।

 

11 साल बाद जय प्रकाश ने सीबीआई कोर्ट में बयान बदल दिए। जय प्रकाश ने कहा कि उस समय के एएसपी मधुर वर्मा ने उसे ऐसा बयान देने के लिए धमकाया था। धमकाया गया था कि अगर उसने ऐसे बयान नहीं दिए तो इस केस में फंसा दिया जाएगा।

 

ये था मामला... 13 अगस्त 2008 की रात हरियाणा के तत्कालीन एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल ने अपने मुंशी को जस्टिस निर्मल यादव के घर 15 लाख देने के लिए भेजा था। लेकिन मुंशी ने गलती से यह राशि जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पहुंचा दी। जस्टिस निर्मलजीत कौर के नौकर ने पुलिस में शिकायत कर दी थी।

 

जस्टिस निर्मल यादव के अलावा हरियाणा के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल, दिल्ली के होटलियर रविंदर सिंह और शहर के बिजनेसमैन राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह आरोपी हैं। इनमें संजीव बंसल की मौत हो चुकी है। शनिवार को बंसल के ही क्लर्क की स्टेटमेंट हुई थी।

 

जय प्रकाश ने शनिवार को कोर्ट में कहा कि उसने एएसपी मधुर वर्मा के प्रेशर में आकर ऐसा बयान दिया था। उसने कहा कि 19 अगस्त 2008 को उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसे सेक्टर-9 पुलिस हेडक्वार्टर के एक कमरे में बंद किया गया।

 

वहां उसे किसी फैमिली मेंबर और वकील से भी मिलने नहीं दिया गया। मुझे अपनी स्टेटमेंट देने के लिए पुलिस खुद मजिस्ट्रेट के पास लेकर गई। पुलिस ने धमकाया था, जिस कारण मैंने पुलिस के कहे मुताबिक बयान दिया।

 

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