चंडीगढ़ / बिजनेसमैन और पुलिस अफसरों के करोड़ों ले फरार हुआ विक्की अरेस्ट



विक्रम धीमान उर्फ विक्की(फाइल फोटो) विक्रम धीमान उर्फ विक्की(फाइल फोटो)
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विक्रम धीमान उर्फ विक्की(फाइल फोटो)विक्रम धीमान उर्फ विक्की(फाइल फोटो)

  • 30 करोड़ रुपए ठग रफूचक्कर हुआ था आरोपी, क्राइम ब्रांच ने रेड काॅर्नर नोटिस जारी किया था
  • ठगी के शिकार पुलिस अफसराें को पैसा मिलने की जगी आस

Dainik Bhaskar

Oct 18, 2019, 01:39 PM IST

चंडीगढ़. चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के बड़े अफसरों, दो नेताओं, ट्राइसिटी के कई बिजनसमैन का पैसा लेकर अक्टूबर 2013 को रफूचक्कर होने वाला वॉन्टेड विक्रम धीमान उर्फ विक्की और हरियाणा पुलिस के वाॅन्टेड क्रिमिनल अंबाला निवासी हिमांशु को अरेबिया कि फ्लाइट से पकड़ा गया है।


पंचकूला सेक्टर-2 के हिमांशु के खिलाफ बलात्कार के केस में हरियाणा पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ था। जबकि आरोपी विक्रम के भगौड़ा घोषित होने के बाद विक्रम उर्फ विक्की का यूटी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेड काॅर्नर नोटिस जारी कर सभी एयरपोर्ट को अलर्ट किया था।

 

इसी के जरिए वह पकड़ा गया। अब चंडीगढ़ पुलिस विक्की को जयपुर से चंडीगढ़ लेकर आएगी और उसका रिमांड हासिल करेगी। विक्की की गिरफ्तारी के बाद ठगी के शिकार हुए पुलिस अफसराें को पैसा मिलने की आस हुई है। पुलिस का मानना है कि आरोपी विक्की दुबई और सिंगापुर में रहकर लोगों को अवैध तरीके से विदेश भेजने का काम करता है।


विक्रम का पासपोर्ट भी जाली होने का शक: क्राइमब्रांच की टीम आरोपी विक्की को लेने गुरुवार को जयपुर पहुंची और उसकी अरेस्ट दर्ज की। अब विक्की को पुलिस टीम चंडीगढ़ लेकर आ रही है। पुलिस को शक है कि विक्की के पास जो पासपोर्ट मिला है, वह फर्जी दस्तावेजों पर तैयार किया गया है। क्योंकि उसमें उसका पता डीएलएफ टावर, फेज-3, गुरुग्राम लिखा हुआ है। इसी पते का उसका पासपोर्ट बना है। जबकि विक्की पहले जिस पासपोर्ट से 2013 में दुबई फरार हुआ था, वह पंचकूला के सेक्टर-2 के पते पर बना था। अब तक विक्की के खिलाफ सेक्टर- 18 निवासी सुनील चोपड़ा उर्फ टीटू ने 1.90 करोड़ की ठगी का, सेक्टर-15 निवासी राज किरण तलवार ने 1 करोड़ रुपए की ठगी का और पंचकूला सेक्टर-2 निवासी अनिल भल्ला ने लाखों की ठगी का केस दर्ज करवाया था।


विक्की ने हाईकोर्ट से मांगी थी सुरक्षा, नहीं मिली थी राहत:
कभी स्कूटर मैकेनिक का काम करने वाला विक्रम उर्फ विक्की अपने दोस्त बावा के जरिए यूटी पुलिस के अफसरों का पहले करीबी बना। बाद में यूटी पुलिस के कई अफसर चुपचाप विक्की के चक्कर में फंस गए। अपना पैसा विक्की के जरिए ब्याज पर देना शुरू कर दिया। कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़पे और उल्टा पुलिस कर्मियों को ही धमकाने लगा। 2013 में विक्की ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग की। कहा कि उसे इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों और कई अन्य पुलिसकर्मियों से खतरा है। हालांकि कोर्ट से उसको कोई राहत नहीं मिली थी।


खुद की किडनैपिंग का केस ही दर्ज करवाया: अक्टूबर 2013 को विक्की चुपचाप लोगों के 30 करोड़ से ज्यादा की रकम लेकर रफूचक्कर हो गया। वह दिल्ली गया और वहां से फ्लाइट लेकर दुबई गया। उधर दूसरी तरफ विक्की के बेटे ने पंचकूला सेक्टर-5 में विक्की की किडनैपिंग की एफआईआर दर्ज करवा दी । आराेप यूटी पुलिस के अफसरों पर लगा दिया। जांच में पुलिस ने साबित कर दिया कि विक्की किडनैप नहीं हुआ, वह तो लोगों का पैसा लेकर दुबई फरार हो गया।


कोई बोल नहीं पाया, सिर्फ 3 एफआईआर ही हुईं दर्ज: विक्रम उर्फ विक्की चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के दर्जनों अफसरों और कई बिजनसमैन से करोड़ों रुपए ठग चुका है। सारा पैसा विक्रम उर्फ विक्की ने इनसे ब्लैक में लिया था। करोड़ों की ठगी का शिकार होने के बावजूद किसी पुलिस अफसर ने विक्की के खिलाफ शिकायत नहीं दी। क्योंकि ऐसा करते तो पहली उंगली उन पर ही उठती कि इतना पैसा उनके पास कहां से आया? विक्की खुद भी यह जानता था, इसलिए उसने ज्यादातर पुलिस अफसरों को ही शिकार बनाया।

 

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