चंडीगढ़ / जज की स्टेनो बता हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करती थी ठगी



Accused lady in Cheating people of lakhs in the name of providing job in High Court arrested.
X
Accused lady in Cheating people of lakhs in the name of providing job in High Court arrested.

  • पुलिस ने ट्रैप लगाकर युवती को किया अरेस्ट
  • एक साल में अकाउंट में आए 84 लाख

Dainik Bhaskar

Sep 02, 2019, 12:51 PM IST

मोहाली. खुद को जज की प्राइवेट स्टेनो बातकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा लेकर ठगी करने वाली युवती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसे ट्रैप लगातर दबोचा।

 

पुलिस ने आरोपी युवती को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है। बताया जा रहा है कि करीब एक साल से युवती ठगी कर रही है और इस अवधि में उसके अकाउंट में करीब 84 लाख रुपए आए हैं।

 

ठगी के इस खेल में युवती के साथ कुछ युवक शामिल बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि आखिर उसने कितने लोगों को अपना झांसे में फंसाकर ठगा है।

 

ठगी को लेकर आरोपी सोनप्रीत की शिकायत मटौर निवासी लखविंदर सिंह ने पुलिस काे दी थी। फिर पुलिस ने ट्रैप लगाकर उसे पकड़ लिया। उसे 7-7 लाख रुपए देने के बहाने से बुलाया गया था।


लखविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके एक दोस्त सतविंदर सिंह निवासी सेक्टर-70 ने उनको कॉल कर कहा कि उसे एक ऐसी युवती मिली है, जोकि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में जज की स्टेनो है।

 

हाईकोर्ट में निकली पोस्टों पर उनके बेटे को भर्ती करवाने की बात कह रही है। पीड़ित लखविंदर सिंह को पहले शक तो हुआ लेकिन दोस्त के कहने पर आरोपी सोनप्रीत से मिले। सोनप्रीत ने जज के नाम का ऐसे सपने दिखाए कि पहली ही मुलाकात में पीड़ित काे अपने झांसे में लिया।

 

आरोपी क्लेरिकल पोस्ट के 7 लाख और सुपरिंटेंडेंट के 10 लाख रुपए लेती थी। आईओ सब-इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने बताया कि आरोपी सोनप्रीत ने पीड़ित के बच्चे और एक फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले बलजिंदर सिंह की बेटी रवनीत कौर का टेस्ट तक दिलवा दिया।

 

आरोपी 26 अगस्त को दोनों को हाईकोर्ट ले गई और वहां किसी एडवोकेट के चैंबर में उनका टेस्ट  करवा दिया। बात यही नहीं रुकी आरोपी ने सेक्टर-22 की सरकारी डिस्पेंसरी में मेडिकल टेस्ट करवा दिया।

 

पीड़ित ने बताया कि आरोपी के इतने लिंक थे कि उसने सारे काम देखते ही देखते करवा दिए। आरोपी जिस दिन बच्चों को मेडिकल टेस्ट करवाने के लिए लेकर गई तो वहां पर स्टॉफ ने बच्चों के ब्लड सैंपल लिए और उनका ग्रुप बताया।

 

इसके साथ उनकी हार्ट रेट, बीपी आदि चेक किया। पहले बच्चाें को कहा गया कि रिपोर्ट अगले दिन मिलेगी लेकिन सोनप्रीत एक डॉक्टर के रूम में गई और वहां से बच्चों की रिपोर्ट देखते ही देखते ले भी आई।


एग्जाम और मेडिकल टेस्ट के बाद दिए थे 20 लाख: लिखित एग्जाम व मेडिकल टेस्ट, इसके बाद ही पीड़ितों ने उसके अकाउंट में 20 लाख रुपए डलवाए। क्योंकि आरोपी ने खुद बोला था कि उसके अकाउंट में ही पैसे ट्रांसफर करे ताकि वह उसको फ्रॉड न समझे। आप समझो आपके बच्चों को जॉब मिल गई है। लेकिन जब पीड़ितों ने अपने तौर पर हाईकोर्ट में पता किया कि क्या कोई पोस्ट निकली है और बच्चों का एग्जाम हुआ था तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई कि ऐसा कुछ नहीं है। इसके बाद मटौर पुलिस को शिकायत दी गई। पीड़ित ने अपने जानकार दो आेर बच्चों की बात की थी लेकिन इस बार कैश देने के बात कही। 14 लाख रुपए के लालच में सोनप्रीत आई और पुलिस के ट्रैप में फंस गई। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज तो पहले ही कर लिया था और अब अरेस्ट डाल दी।

 

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना