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यूनियन बैंक की असिस्टेंट मैनेजर ने फांसी लगाकर की आत्महत्य, अधिकारियों पर लगाया था रिश्वतखोरी का आरोप

एक वर्ष पहले
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बैंककर्मी नीलिमा ठाकुर । फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
बैंककर्मी नीलिमा ठाकुर । फाइल फोटो
  • नीलिमा ने अपने पर्सनल डायरी में लिखा है कि रिश्वतखोरी की शिकायत करने के बाद सीनियर्स उसे प्रताड़ित करते थे
  • प्रधानमंत्री की योजनाओं के तहत दिए जाने वाले लोन पास करने के लिए 40 से 50 हजार की रिश्वत लेते थे अधिकारी

चंडीगढ़. यूनियन बैंक की असिस्टेंट मैनेजर नीलिमा ठाकुर (32) ने शनिवार को अपने घर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। नीलिमा यूनियन बैंक सेक्टर-17 के रीजनल ऑफिस में तैनात थीं। मौके से नीलिमा की एक पर्सनल डायरी भी मिली है। डायर में रिश्वतखोरी की शिकायत करने पर सीनियर्स द्वारा परेशान करने की बात भी लिखी गई है।
डायरी में नीलिमा ने पति को संबोधित करते हुए लिखा है कि मैं सच्ची थी, पर इन्होंने इतना परेशान किया कि मैं मरने को मजबूर हो गई। प्लीज, आप इन कर्मियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाना। पता चल जाएगा कितनी करप्शन की है इन लोगों ने। इनको सजा जरूर दिलवाना, सच सामने आना ही चाहिए।

40 से 50 हजार की रिश्वत लेने का आरोप
नीलिमा के पति प्रकाश ने सेक्टर-49 पुलिस स्टेशन में शिकायत की है। थाना पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के पति ने बताया कि प्रधानमंत्री की योजनाओं के तहत दिए जाने वाले लोन पास करने के लिए 40 से 50 हजार की रिश्वत ली जाती है। इसकी शिकायत की गई लेकिन अधिकारी मामले को दबा देती हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी ने सिर्फ रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाई थी। उसे बैंक अधिकारियों ने प्रताड़ित किया, बदनाम तक करना चाहा। मरने से पहले नीलिमा ने डायरी के अलावा मुझे वॉटसएप मैसेज भी भेजे। एक ही मांग कि इन कर्मियों के खिलाफ एक्शन हो और इनका लाई डिटेक्टर टेस्ट हो।


पुलिस में दी शिकायत में प्रकाश ने बताया कि डायरी में नीलिमा ने साथ काम करने वाले बैंक अधिकारी रामानंद, नरेश गुप्ता, पंकज, विवेक, अशोक शर्मा, रावत साहित और तीन महिला कर्मियों के नाम लिखे हैं। सभी यूनियन बैंक के रीजनल ऑफिस के सरल विभाग में तैनात हैं। प्रकाश ने इन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज करने के लिए शिकायत दी है।

लगातार तीन ट्रांसफर...
नीलिमा यूनियन बैंक की मनीमाजरा शाखा में करीब ढाई साल तैनात रहीं। जब उसने शिकायत की तो तबादला बैंक के रीजनल ऑफिस में सरल विभाग में कर दिया गया। पति के मुताबिक लगातार उसे परेशान किया जाता रहा। इसके बाद नीलिमा का तबादला सरल विभाग से पीएनआर यानी पर्सनल विभाग में कर दिया गया।

एसएचओ ने कहा कार्रवाई करेंगे
सेक्टर-49 के एसएचओ सुरिंदर सिंह ने बताया कि बैंक कर्मियों के खिलाफ शिकायत आई है। अभी महिला के शव का पोस्टमाॅर्टम नहीं किया गया। पीएम करने के बाद कार्रवाई होगी।