चंडीगढ़ / बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष 17 जनवरी काे हाेगा तय, अरुण सूद का नाम लगभग तय

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  • चुनाव करवाने ऑब्जर्वर एवं केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और राष्ट्रीय सचिव सत्या कुमार शर्मा 17 जनवरी को पहुंचेंगे
  • जेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम एमपी शिवराज सिंह चौहान की रिपोर्ट भी अरुण सूद के पक्ष में

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2020, 05:18 PM IST

चंडीगढ़. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करवाने ऑब्जर्वर एवं केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और राष्ट्रीय सचिव सत्या कुमार शर्मा 17 जनवरी को दोपहर 12 बजे पहुंच रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए अरुण सूद का नाम लगभग तय माना जा रहा है। जिन्हें ऑब्जर्वर पीयूष गोयल और बीजेपी राष्ट्रीय सचिव सत्या कुमार शर्मा द्वारा पहले नोमिनेशन फार्म भरवाएंगे।  फिर स्क्रूटनी होगी। इसमें ठीक पाए जाने पर प्रधान पद की घोषणा की जाएगी।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए दूसरा नाम रामवीर भट्टी का है। संगठन की ओर से 8 जनवरी को इन दोनों के बायोडॉटा मंगवाए गए थे। जबकि 10 जनवरी को पूर्व सांसद सत्य पाल जैन भी देवेश मोदगिल का बायोडाटा देने गए थे। इनमें सतिंद्र सिंह का भी नाम नहीं शामिल है। जिसके नाम पर काफी समय से चर्चा चलती रही है। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम एमपी शिवराज सिंह चौहान की रिपोर्ट भी अरुण सूद के पक्ष में गई।

शिवराज सिंह 25 दिसंबर को यहां पार्टी ऑफिस कमलम् में बीजेपी के अगले प्रदेश अध्यक्ष के नाम बारे कौर ग्रुप और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से वन बाई वन राय जाने आए थे। तब अरुण सूद के नाम की सांसद किरण खेर ने फ़र्स्ट प्रेफरेंस बताया था जबकि सेकंड प्रेफरेंस सतिंद्र सिंह के बारे में दी थी।

सांसद किरण खेर ने देवेश मोदगिल का नाम थर्ड प्रेफरेंस में भी नहीं लिया। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्षों में से एक ने देवेश मोदगिल का नाम फर्स्ट प्रेफरेंस में लिया था जबकि सेकंड अरुण सूद का रहा था। वहीं दूसरे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने फर्स्ट प्रेफरेंस में अपना ही नाम लिया था जबकि सेकंड प्रेफरेंस में किसी का नाम ही नहीं लिया।

प्रदेश अध्यक्ष के लिए ये चार नाम आए थे आगे: प्रदेश अध्यक्ष के लिए चार नाम अरुण सूद, रामवीर भट्‌टी, देवेश मोदगिल और सतिंद्र सिंह ही आगे आए थे। लेकिन भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान 27दिसंबर को रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष को सौंपी। इस रिपोर्ट में अरुण सूद के नाम आगे एबीपी के साथ तीन साल जुड़े रहने की वेटेज भी लगी, हालांकि प्रदेश प्रवक्ता और जनरल सेक्रेटरी के पदों पर रहे। वहीं रामवीर भट्टी के साथ संगठन से कई पदों पर जुड़े रहने का बायोडाटा में जिक्र किया गया। देवेश और सतिंद्र सिंह के नाम आगे नहीं बढ़ाए गए। इसी के आधार पर बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष की ओर से 8 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़ के लिए अरुण सूद और रामवीर भट्टी का ही बायोडाटा मांगा गया।


अरुण सूद की एप्रोच हैवी रही: अरुण सूद को बीजेपी चंडीगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए एप्रोच का मायने है। सूद के लिए खुद बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्‌ढा, हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्‌टर, सांसद किरण खेर, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन का अहम रोल रहा। वहीं रामवीर भट्टी के फेवर में बीजेपी के संगठन मंत्री, प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष तक ही सीमित रही। वहीं देवेश मोदगिल की एप्रोच पूर्व सांसद सत्य पाल जैन की रही है। संगठन मंत्री दिनेश कुमार का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष का इलेक्शन प्राेसेस 17 जनवरी काे करवाने अाॅब्जर्वर एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गाेयल अाैर बीजेपी राष्ट्रीय सचिव सत्या शर्मा अा रहे हैं। पहले नाॅमिनेशन हाेगा, फिर स्क्रूटनी हाेगी। कागज सही पाए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घाेषणा हाेगी।

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