खेल / एक किडनी के साथ जन्मे विश्व ने किया सपना पूरा, वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 18 मी. जैवलिन थ्रो कर बजे वर्ल्ड चैंपियन, जीता गोल्ड



Born with one kidney, 18 year old Vishva won gold in 18 m javelin throw and became world champion.
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Born with one kidney, 18 year old Vishva won gold in 18 m javelin throw and became world champion.

  • मोरिंडा के 18 वर्षीय विश्व जन्म से ही एक किडनी और रीढ़ की हड्‌डी में 3 मनकों के साथ पैदा हुए
  • शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी हौंसला नहीं हरा, रोज 9 घंटे करते थे प्रैक्टिस

Dainik Bhaskar

Aug 16, 2019, 03:29 PM IST

मोरिंडा. 18 वर्षीय विश्व जन्म से ही एक किडनी और रीढ़ की हड्‌डी में 3 मनकों के साथ पैदा हुए। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी हौंसला नहीं हरा।

 

इसी जज्बे के कारण स्वीट्जरलैंड में एक अगस्त से 4 अगस्त हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जूनियर चैंपियनशिप 2019 में भारत की ओर से खेलते हुए 18 मीटर जैवलिन थ्रो कर गोल्ड और शॉर्टपुट में 6 मीटर दूर गोला फेंककर ब्रांज मेडल जीता।

 

मुकाबले में 50 से ज्यादा देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इतना ही नहीं उनका सपना विश्व चैंपियन बनने का है। वह साल 2020 में जापान में होने वाली ओलंपिक खेलों में भाग लेना चाहता है। विश्व इससे पहले भी दुबई और बैंगलुरू में हुई खेलों में भी गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

 

विश्व रोजाना सुबह 5 बजे से साढ़े 10 और शाम को 4 बजे से रात 9 बजे तक प्रैक्टिस करते हैं। वह नॉनवेज कम और वेज चीजें ज्यादा खाता है। जैसे ड्राई फ्रूट, चने, सलाद, दूध आदि। वह रोजाना 9 घंटे अपनी प्रैक्टिस करते हैं।

 

उन्होंने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई की है। प्रैक्टिस जारी रखने के लिए वह अपनी आगे की पढ़ाई प्राइवेट करना चाहता है। वह अब 12वीं आर्ट्स की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहा है।

 

विश्व की सफलता के पीछे द्रोणाचार्य अवॉर्ड विजेता कोच सतपाल का योगदान: विश्व की इस कामयाबी के पीछे उसके गुरु सतपाल सिंह, जो गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित हैं, का बड़ा योगदान है। वह इस समय दिल्ली में उनके साथ ही प्रैक्टिस कर रहा है।

 

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