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महंगाई / हर रोज सफर करते हैं तो हर माह 84 रुपए का नया बोझ, 22 फीसदी तक बढ़ेगा बसों का किराया



burden of increased price of diesel and petrol will now be on the journey
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burden of increased price of diesel and petrol will now be on the journey

  • डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमत का बोझ अब सफर पर भी, शहर में न्यूनतम किराया होगा पांच रुपए  

Dainik Bhaskar

Sep 26, 2018, 08:23 PM IST

शिमला. दफ्तर, स्कूल, कॉलेज या प्राइवेट जॉब करने वालों लोगों को रोजाना बसों में सफर करने के लिए अब हर महीने कम से कम 84 रुपए ज्यादा देने होंगे। यानी एक आदमी पर अब हर साल बसों के बढ़ने वाले किराए के बाद 1248 रुपए का और बोझ पड़ने जा रहा है। 

 

प्राइवेट बस आॅपरेटरों की हड़ताल के बाद अब बसों का किराया बढ़ना तय है। हालांकि प्राइवेट बस ऑपरेटर मिनिमम फेअर 10 रुपए फिक्स करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार 22 फीसदी तक किराया बढ़ा सकती है। ऐसे में रोजाना सफर करने वाला महीने में चार छुट्टियों को छोड़कर सफर करेगा तो रोजाना 4 रुपए का बोझ पड़ेगा। 

 

ये बोझ साल में 1284 रुपए का होगा। पेट्रोल, डीजल और गैस के लगातार बढ़ रही कीमतों के बाद अब लोगों को बसों के किराए का एक्स्ट्रा बोझ पड़ेगा। किराया बढ़ाने का फैसला प्राइवेट बस ऑपरेटरों के हित में होगा, लेकिन महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर नया बोझ आएगा। प्राइवेट बस ऑप्रेटरों की हड़ताल के बाद सोमवार शाम सचिवालय में हुई बैठक में ऑपरेटरों को किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया।

 

अंतिम फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश हैं कि न्यूनतम किराया 5 रुपए किया जाए। प्राइवेट बस ऑपरेटर अदालत के आदेशों के मुताबिक ही किराया बढ़ाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। ऐसे में तय है कि हर रोज सफर करने वाले पर एक तरफ की यात्रा का 2 रुपए एक्स्ट्रा देने का बोझ तो पड़ेगा ही। 

 

इन यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर:  अभी मिनिमम किराया 3 रुपए है। बढ़ोतरी के बाद मिनिमम किराया 5 रुपए हो जाएगा। अगर छोटा शिमला से निगम बिहार, टालैंड और टिंबर हाउस भी जाना हो पांच रुपए देने होंगे। इन जगहों के लिए अभी 3 रुपए वसूल किए जाते हैं। इस तरह मिनिमम किराया बढ़ाए जाने से  के बाद भी लोगों को घाटा ही होगा। एक से दो किमी रोजाना सफर करने वालों पर बाेझ बढ़ेगा। मिनिमम फेअर फिक्स होने के बाद वे छूट भी नहीं मांग सकेंगे। प्रदेश में 2013 के बाद बस किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई है। 5 साल के बाद अब किराए में बढ़ोतरी की जा रही है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल के दाम हर साल बढ़ते जा रहे हैं। बस किराये में पांच साल में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। ऐसे में अब किराये में बढ़ोतरी की मांग जायज है।

 

22 फीसदी बढ़ोतरी पर ये होगा किराया   

रूट मौजूदा किराया (रुपए में) नया किराया (रुपए में)
बस स्टैंड से टुटू 10 12
बस स्टैंड से समरहिल 9 11
बस स्टैंड-लक्कड़ बाजार-संजौली 9 11
बस स्टैंड, छोटा शिमला, संजौली 10 12
बस स्टैंड -कसुम्पटी 10 12
बस स्टैंड -छोटा शिमला 5 7
बस स्टैंड-लक्कड़ बाजार 4 6

 

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