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हड़ताल / दूसरे दिन भी हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और मंडी में नहीं चली बसें



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Dainik Bhaskar

Sep 26, 2018, 08:26 PM IST

शिमला. बस किराए में वृद्धि की मांग को लेकर निजी बस ऑपरेटर्स यूनियन द्वारा की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। संघ की हड़ताल के चलते जिला मंगलवार को भी जिला भर में निजी बसों के पहिए थमे रहे।

 

ग्रामीण क्षेत्रों से अपने कामकाज के लिए रोजाना इन बसों में सफर करने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं लगातार दो दिनों तक बसें न चलने से निजी बस ऑपरेटर्स को भी करीब 28 लाख के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन बस ऑपरेटर्स अभी भी अपनी मांगों पर अडिग हैं।

 

संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर ने दो टूक कहा है कि सरकार की तरफ से अभी बस ऑपरेटर्स संघ को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। जिससे उनकी समस्याओं निकट भविष्य में कोई हल निकलता नजर आए। उनका कहना है कि डीजल समेत अन्य पहलुओं से भी बसों का संचालन अब काफी महंगा पड़ रहा है।

 

डीजल के दाम तो लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन किराया बढ़ाने की तरफ सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसके चलते निजी बस ऑपरेटर्स लगातार घाटा उठा रहे हैं। राजेश पराशर ने प्रदेश सरकार को चेताया कि मांगे पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखी जाएगी। वहीं मांगें पूरी न होने की सूरत में आने वाले दिनों में आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा।

 

यूनियन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को बस स्टैंड में प्रदेशाध्यक्ष की अगुवाई में केंद्र और प्रदेश सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया। इस मौके पर बस ऑपरेटर्स यूनियन से पवन ठाकुर, अवतार ढिल्लों, लक्की, दिनेश सैणी, मोनू मनकोटिया, नरेश कुमार, सुखदेव शर्मा, संजीव रायजादा, नरेंद्र शर्मा, नरेश कुमार, राजीव शर्मा, पंकज दत्ता, राम किशन, श्याम लाल, अश्वनी सैणी, संजीव रायजादा, नरेंद्र कुमार व अन्य बस ऑपरेटर्स भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। 

 

बिलासपुर: किराये में वृद्धि की मांग को लेकर प्राइवेट बस आॅपरेटरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को भी प्राइवेट बसों के पहिये पूरी तरह से जाम रहे। हड़ताल के चलते लोगों को अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि एचआरटीसी ने लोगों को राहत प्रदान करने के लिए कई रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाई, लेकिन प्राइवेट बसों के बेड़े की तुलना में बेहद कम होने के कारण यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। यूनियन के अध्यक्ष राजेश की अगुवाई में आॅपरेटरों ने घुमारवीं बस अड्डे से गांधी चौक तक रैली निकालकर प्रदर्शन भी किया।
 

निजी बसें न चलने से लोग हुए परेशान
 मंडी जिले भर में निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते मंगलवार को भी प्राइवेट बसें सड़कों पर नहीं दौंड़ी। बस ऑपरेटर यूनियन के राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों व पदाधिकारियों ने मंगलवार के दिन शाम के समय लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह सुंदरनगर परिसर में एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश, वीरेंद्र, नरेश समेत अन्य तमाम पदाधिकारियों का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को अनसुना करती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष राजेश का कहना है कि हम प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं। जिस तरह डीजल के दामों में वृद्धि हुई है उसी तर्ज पर किराए के दामों में वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया है कि अगर भविष्य में डीजल के दाम कम होते हैं तो उसी तर्ज पर निजी बसों के किराए भी कम कर दिए जाएंगे।

 

बस ऑपरेटर्स को सब्सिडी दी जाए - यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर का कहना है कि डीजल के बढ़ते दामों के चलते अनिश्चितकाल के लिए स्ट्राइक शुरू की गई है। साल 2013 में जब डीजल 46 रुपये लीटर था तो 30 फीसदी किराया में बढ़ा था, लेकिन आज डीजल के दाम 76 प्रति लीटर पहुंचने के बाद भी सरकार बस ऑपरेटर्स की सुध नहीं ले रही है। उन्होंने सरकार से मांग है कि डीजल केे 50 रुपये से ज्यादा रेट की बस ऑपरेटर्स को सब्सिडी दी जाए, ताकि हम किराए कि इन्हीं दरों पर जनता को बस सुविधा प्रदान कर सकें।  

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