इमोशनल / रात को स्कूल में ठहरीं 25 टीचर्स के बच्चे पूछ रहे 'मम्मी घर कब आओगे ?



इंसाफ पाने के लिए स्कूल में डेरा जमाए शिक्षक। इंसाफ पाने के लिए स्कूल में डेरा जमाए शिक्षक।
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इंसाफ पाने के लिए स्कूल में डेरा जमाए शिक्षक।इंसाफ पाने के लिए स्कूल में डेरा जमाए शिक्षक।

  • इंसाफ लेने के लिए तीन दिन से स्कूल में ही जमी हुई हैं जैनेंद्र गुरुकुल स्कूल की टीचर्स...

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 06:18 AM IST

पंचकूला. पिछले करीब 72 घंटों से सेक्टर 1 के जैनेंद्र गुरूकुल स्कूल के गुरूओं द्वारा इंसाफ पाने के लिए उन्होंने अपना डेरा स्कूल में ही जमाया हुआ है। पहले दो दिनों तो करीब दर्जनभर टीचर्स ही स्कूल के भीतर रूकीं। वहीं, तीसरे दिन यानि कि 11 अक्टुबर को स्कूल के 55 में से 25 लेडीज टीचर्स ने रात के समय स्कूल में डेरा जमाया ताकि प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग उन पर दया दिखाकर उन्हें इंसाफ दिलाए। जबकि उन सभी टीचर्स के बच्चे बार-बार फोन कर व व्हाट्सएप कर उनसे एक ही बात पूछ रहे कि मम्मी कब आओगे।

 

भास्कर से बातचीत करते समय लेडिज टीचर्स इमोशनल हो रही थीं। उन्होंने कहा वह अपने हक व बच्चों के बेहतर भविष्य के लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका खुद का बच्चा उनकी राह पिछले तीन दिनों से देख रहा। आपको बता दें कि स्कूल के 55 में से 52 स्टाफ प्रिंसिपल पूनम ठाकुर, पीटीआई टीचर शशी और हेड अकाउंटेंट राज वर्मा के स्पोर्ट में रात 7.30 बजे तक स्कूल के भीतर रूके। उसके बाद जिनके बच्चे काफी छोटे हैं वह अपने घर के लिए चली गईं और बाकी 25 टीचर्स ने स्कूल में ही ठहरने का फैसला लिया।


दोपहर 3 बजे पहुंची पुलिस, प्रिंसिपल से कहा डॉक्यूमेंट दिखाओ: दोपहर 3 बजे के बाद पंचकूला पुलिस सेक्टर 1 जैनेंद्र पब्लिक स्कूल पहुंची। हैरानी की बात यह है कि स्कूल मैनेजमेंट के प्रधान के बेटे तरूण जैन से पूछताछ करने के बजाए प्रिंसिपल से ही उनके डॉक्यूमेंट्स मांगे। इस पर प्रिंसिपल ने उन्हें ज्वाइनिंग से लेकर प्रिंसिपल बनने तक सभी तरह के डॉक्यूमेंट्स मुहैया करवा दिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस की ओर से स्कूल परिसर में बाउंसर लाने वाले स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। प्रशासन व शिक्षा विभाग भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।


डीईओ ने कहा प्रिंसिपल व टीचर का टर्मिनेशन लेटर वापिस ले लिया 

डीईओ एच एस सैनी ने बताया कि शुक्रवार को मैनेजमेंट की ओर से प्रिंसिपल व टीचर का टर्मिनेशन लेटर वापिस ले लिया गया। साथ ही उसकी सूचना डीसी को भी दे दी गई है। हालांकि प्रिंसिपल पूनम ठाकुर ने बताया कि अभी तक उनके हाथ में मैनेजमेंट की ओर से न ही टर्मिनेशन लेटर दिया गया और न ही उन्हें टर्मिनेशन लेटर को कैंसिल करने की सूचना दी गई है। यह जानकारी उन्हें गेट पर मौजूद स्कूल के स्टाफ ने दीवार पर चस्पा किए गए लेटर के माध्यम से बताया। पूनम ठाकुर ने बताया कि वह कमेटी के सदस्य तरूण जैन से बात भी नहीं करना चाहती और न ही करेंगी जब उनके साथ कमेटी के मेजोरिटी मेंबर्स साथ हैं। वह स्कूल के एक कमेटी मेंबर को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे।


प्रिंसिपल समेत स्कूल के सभी स्टाफ मेंबर्स ने शुक्रवार को कहा कि अगर स्कूल कमेटी के प्रधान खुद सही निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं तो वह अपने पद से रिजाइन देकर दोबारा से चुनाव करवा दें। ऐसा नहीं होता है तो स्कूल को दोबारा से एडमिनिस्ट्र्ेटर के अधीन दे दें। आपको बता दें कि जिला प्रशासन के एडीसी को स्कूल का बतौर एडमिनिस्ट्र्ेटर नियुक्त किया जाता है। करीब दो साल पहले पूर्व एडीसी राजेश जोगपाल स्कूल के एडमिनिस्ट्र्ेटर रह चूके हैं।

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