चंडीगढ़ / 8 में से 4 आरोपी पकड़े जा चुके, गाड़ी और 26 लाख रुपए की रिकवरी



Dhakoli loot case: 4 out of 8 accused arrested, 26 lakh rupees recovered.
X
Dhakoli loot case: 4 out of 8 accused arrested, 26 lakh rupees recovered.

  • 2 मई को दोस्त ने रची थी विक्टोरिया हाइट्स में ज्वेलर के घर में करोड़ों की डकैती की वारदात
  • मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी अभी भी चल रहे फरार

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 01:00 PM IST

जीरकपुर. 2 मई की शाम पीरमुछल्ला विक्टोरिया हाइट्स ढकोली में रहने वाले होलसेल ज्वेलर राकेश वर्मा के घर करोड़ों की जूलरी की डकैती किसी ओर ने नहीं बल्कि दोस्त ने ही करवाई थी। पुलिस ने आरोपी हरमन निवासी कखांवाली लंबी को पकड़ा था। अब अन्य आरोपियों का भी पता चल गया।


हरमन को सीआईए में 7 दिनों के रिमांड पर रखने के बाद पटियाला जेल भेज दिया गया। उसकी निशानदेही पर लंबी के कखांवाली के रहने वाले इस डकैती के मास्टरमाइंड जगमीत सिंह उर्फ बब्बू कंग के पिता बुजुर्ग प्रकाश सिंह, गुरसेवक सिंह उर्फ सेवा और सुखदेव सिंह उर्फ तेजी को अरेस्ट कर लिया।

 

आरोपी डकैती के पैसों से ली एसेंट गाड़ी में सवार थे। इन तीनों को भी पुलिस रिमांड पर ले लिया है। इनकी निशानदेही पर 26 लाख रुपए, डकैती में प्रयोग की गई पुरानी एसेंट गाड़ी, एक टॉय पिस्टल, दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

 

इस केस में अभी तक इस डकैती के मास्टरमाइंड जगमीत सिंह उर्फ बब्बू कंग लंबी गांव कखांवाली, विशू शर्मा, सुखप्रीत सिंह उर्फ सुखू और पीरमुछल्ला निवासी पार्थ बख्शी को अरेस्ट करना शेष है। इस वारदात में कुल 8 लोग शामिल थे।

 

घटना के बाद अज्ञात के खिलाफ ढकोली पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 382, 392, 395, 35 व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पूछताछ में पता चला कि राकेश वर्मा का दोस्त जगमीत सिंह उर्फ बब्बू कंग साथ में मिलकर इंवेंट मैनजेमेंट का काम करता था।

 

यह क्रिकेट और टेनिस के मैच ऑर्गनाइज करवाते थे। जगमीत को पता था कि राकेश अपने घर में करोड़ों की जूलरी व कैश रखता है। राकेश का होल सेल का जूलरी का काम है और फरीदकोट में अपना जूलरी का शोरूम भी है। इसी के तहत जगमीत ने अपने चचेरे भाई और साथियों के साथ मिलकर जूर राकेश को लूटने की योजना बनाई थी।


मास्टरमाइंड जगमीत ने प्रत्येक डकैत को 10-10 लाख में हायर किया था। आरोपी ने इनको कहा कि एक ही बार में सारे लखपति बन जाएंगे और इतना पैसा मिलेगा कि काम करने की जरूरत नहीं रहेगी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी डकैत अलग-अलग हो गए। लूट का सारा पैसा व ज्वैलरी जगमीत के पास थी।


खुद गाड़ी में बैठकर करता रहा जगमीत इंतजार: एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी जगमीत को पता था कि किस समय राकेश घर पर नहीं होता और उसकी गैरहाजिरी में पत्नी व बच्चे होते हैं। 2 मई को जगमीत अपने चार साथियों को लेकर गया। वह खुद बाहर गाड़ी में इंतजार करता रहा। यह गाड़ी एसेंट थी। जोकि पीरमुछल्ला के रहने वाले पार्थ बख्शी की थी और इस पर जाली नंबर प्लेट लगाई हुई थी। वह नंबर एनडीपीएस केस में बठिंडा पुलिस स्टेशन में कब्जे में लिए कैंटर का था। सीसीटीवी में चारों आरोपी राकेश के घर कैप पहन कर एंटर होते दिखे।


मां व दोनों बच्चों को बंधी बनाकर की थी डकैती: इंस्पेक्टर सीआईए सतवंत सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि चारो आरोपी सुखेदव, गुरसेवक, सुखप्रीत व विशु शर्मा करीब 40 मिनट राकेश के घर में सामान को खंगालने में लगे रहे। अपने साथ सेफ तोड़ने के लिए औजार भी लेकर गए थे। जिस समय यह लुटेरे घर में एंटर हुए उस समय राकेश की पत्नी अपने बच्चों को पढ़ा रही थी। डकैती को उनके हाथ-पैर व मुंह बांधकर उनको वॉशरूम में बंद कर दिया और खुद डायमंड व गोल्ड जूलरी व कैश इकट्ठा करने में जुटे रहे। इन करीब 40 मिनटों में मास्टरमाइंड जगमीत इस सोसाइटी के पास गाड़ी में इंतजार करता रहा।

 

COMMENT