चंडीगढ़ / डाॅक्टर लिख रहे खांसी की दवा और कैमिस्ट मरीजों को दे रहा है दूसरे साल्ट की दवा

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  • दोनों दवाओं के अलग-अलग साल्ट, रेट भी डबल
  • जीएमसीएच-32 में कैमिस्ट की मनमानी से मरीज हो रहे परेशान

दैनिक भास्कर

Feb 20, 2020, 12:16 PM IST

चंडीगढ़. जीएमसीएच-32 में शिव मेडिकोज पर मरीजों को हॉस्पिटल के डॉक्टरों की ओर से खांसी जुकाम के लिए लिखी जा रही दवा के बदले दूसरी दवा दी जा रही है। दोनों दवाओं की एमआरपी में भी डबल का अंतर है। हालांकि, जो दवा दी जा रही है वो भी खांसी की ही है, लेकिन दोनों का साल्ट अलग है।

जीएमसीएच-32 में खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज रनबीर को नर्सिंग स्टाफ की ओर से दवा मुकोमेल्ट एक्स पी लिखी गई। इसकी एमआरपी बाजार में 77 रुपए 44 पैसे है, लेकिन शिव मेडिकोज की ओर से उसे कफ गो दवा दे दी गई। इस दवा की एमआरपी 150 रुपए है। मुकोमेल्ट एक्स पी सिरप का साल्ट अलग है और कफ गो का साल्ट अलग है।

मरीज को क्या दवा दी गई है क्या नहीं इसे न तो नर्सिंग स्टाफ चेक कर रहा है न ही डॉक्टर। ऐसे में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं होम कम हेल्थ सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि अगर कैमिस्ट कोई और मेडिसिन दे रहा है, तो मरीज को भी चेक करना चाहिए। कैमिस्ट के खिलाफ उनके पास फिलहाल कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आएगी तो उसके खिलाफ वह कार्रवाई करेंगे।


अधिकतर मरीजों को यही दी जा रही है दवा

इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते वायरल डिजीज चल रही हैं। मरीजों को खांसी-जुकाम और बुखार की दिक्कत हो रही है। ऊपर से कोरोना वायरस का भय अलग है। ऐसे में हॉस्पिटल में इस बीमारी के मरीज ज्यादा संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को अधिकतर यही दवा लिखी जा रही है और कैमिस्ट अपनी मनमानी से दूसरे साल्ट की दवा दे रहा है।

मरीजों की सेहत से नहीं कोई मतलब
चेतन्य हॉस्पिटल के एमडी डॉ. नीरज कुमार बताते हैं कि दोनों मेडिसिन हैं तो खांसी-जुकाम के लिए लेकिन दोनों का काम अलग-अलग है। उन्होंने बताया कि मुकोमेल्ट एक्स पी में जो साल्ट है वह चेस्ट में जमा कफ काे माल्ट करके बाहर निकालता है। जबकि कफ गो सिरप का काम खांसी-जुकाम को दबाने का है। इससे चेस्ट कंजेशन का खतरा बढ़ जाता है। यहां तो ऐसा लग रहा है कि कैमिस्ट अपना मुनाफा देख रहे हैं मरीजों की सेहत से उन्हें कोई मतलब नहीं है।


पिछले साल तीन दिन के लिए हुई थी यह शॉप सीज

शिव मेडिकोज के मालिक अतुल गोयल से जब यह पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके यहां ऐसा नहीं होता कि लिखी कोई और दवा हो और करीज को कोई और दवा दे दी जाए। जब उन्हें कहा गया कि आपके यहां से ऐसा हुआ है हॉस्पिटल से कोई और दवा लिखी गई दी कोई और गई है तो वे इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए। गौरतलब है कि पिछले साल भी पैरासिटामॉल का 100 एमएल का इंजेक्शन जो कि मार्केट में 100-150 रुपए का मिलता है उसे 420 रुपए में बेचने पर हेल्थ डिपार्टमेंट ने शिव मेडिकोज के खिलाफ कार्रवाई की थी। हेल्थ डिपार्टमेंट ने कैमिस्ट शॉप तीन दिन के लिए सीज कर दी थी।
 

बाजार और 32 के कैमिस्ट की दवाओं में एमआरपी में फर्क

नाॅर्मल स्लाइन जो कि बाजार में 15 रुपए में मिलती है, वह शिव मेडिकोज पर 35 रुपए में मिल रही है। इसके अलावा न्यूरो संबंधी बीमारी में इस्तेमाल होने वाला सोलोमेट्रोल इंजेक्शन जो कि बाजार में 50-55 रुपए में मिलता है। यहां पर 146 रुपए में मिल रहा है। विटामिन सी की टेबलेट की कैमिस्ट के पास एमआरपी 60 रुपए है, जबकि बाजार में 15-20 रुपए एमआरपी पर यह दवा मिल जाती है।

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