चंडीगढ़ / नेशनल लॉन टेनिस प्लेयर से छेड़छाड़ का आरोपी डीपीई बर्खास्त

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • एडिशनल डायरेक्टर ने आदेशों में लिखा-बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में बना बाधा
  • खिलाड़ी ने 100 नंबर पर कॉल की, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, बाद में हो गया था समझौता

दैनिक भास्कर

Jan 16, 2020, 04:57 AM IST

चंडीगढ़ (मनोज कुमार). शिक्षा विभाग ने नेशनल लेवल की लॉन टेनिस प्लेयर के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी डीपीई को बर्खास्त कर दिया है। हालांकि इस मामले में मामला बाद में समझौता हो गया था लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई नरमी नहीं बरती और इसे हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ और बेटी बचाओ अभियान में आरोपी डीपीई को बाधा बताते हुए नौकरी से निकाल दिया है। मामला पिछले साल फरवरी का है। मुंबई में नेशनल इंटर स्कूल लॉन टेनिस टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। हरियाणा से अंडर-14 गर्ल्स की टीम गई थी।

 
मामले के अनुसार 4 फरवरी को प्लेयर ने वहीं पर 100 नंबर पर कॉल कर भिवानी के तौशाम की गर्वमेंट मॉडल संस्तकृति सीनियर सेकंडरी स्कूल के डीपीई प्रदीप सिंह सांगवान पर छेड़छाड़ करनेका आरोप लगाया। इसके बाद वहां कोलबा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई और सांगवान को गिरफ्तार किया गया। वह न्यायिक हिरासत में भी रहा। 5 मार्च को उसे शिक्षा निदेशालय की ओर से सस्पेंड कर दिया गया था। अब उसे बर्खास्त किया गया है।

मुंबई में हुई घटना से हरियाणा की प्रतिष्ठा हुई खराब
शिक्षा विभाग ने मुंबई में हुई इस घटना को हरियाणा को बदनाम करने वाली भी बताया है। ऑर्डर में लिखा गया है कि आरोपी ने न केवल शिक्षक की प्रतिष्ठा खराब की है बल्कि प्रदेश का नाम भी खराब किया है। क्योंकि यह घटना स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में सुर्खियां बनी थीं। इस मामले में समझौता भी किया गया है लेकिन आदेशों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक मामले का उदाहण देते हुए लिखा गया है कि इससे मामला खत्म नहीं होता है। घटना तो हुई है।
 

दूसरों के लिए मिसाल बने, इसलिए बर्खास्तगी जरूरी

आदेशों में लिखा गया है गया है कि हरियाणा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का प्रतीक है। सबसे पहले यह अभियान हरियाणा में शुरू हुआ। इसलिए ऐसे लोगों को दबाना जरूरी है। ऐसे शिक्षक राज्य सरकार के प्रयासों में बाधा डालते हैं। इसलिए ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्ती से निपटना चाहिए। उनके प्रति कोई उदारता नहीं बरतनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों का वातावरण ऐसे माहौल से मुक्त होना चाहिए। इसलिए यह शिक्षक रखने योग्य नहीं है। इसे बर्खास्त किया जाना जरूरी है। ताकि दूसरो के लिए मिसाल बन सके।

डीपीई प्रदीप सिंह को बर्खास्त किया गया है। उसके खिलाफ एक खिलाड़ी से छेड़छाड़ का मामला है। उसका समझौता भी हुआ, लेकिन उसकी इस घटना से हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ बेटी बचाओ अभियान को भी धक्का लगा है।
वंदना दिसोदिया, एडिशनल डायरेक्टर, सेकंडरी एजुकेशन

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