पंजाब/चंडीगढ़ / किसानों की सरकार किसानों के लिए, आत्महत्याएं करने वाले किसानों का कर्ज़ सरकार ने अपने सिर लिया

किसानों से मिलते सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह किसानों से मिलते सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
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किसानों से मिलते सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंहकिसानों से मिलते सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह

  • 5.64 लाख किसानों का कर्ज़ माफ
  • सीमांत किसानों को भी दी गई कर्ज़ से राहत

दैनिक भास्कर

Mar 18, 2020, 03:02 PM IST

चंडीगढ़. पंजाब में इस समय किसानों की सरकार, किसानों के लिए है जो कि हर पल उनकी बेहतरी के लिए सोचती और काम करती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों की समस्याओं को पहल के आधार पर हल कर रही है और उनको कर्ज के जाल से निकाला जा रहा है और उनको एक खुशहाल जिंदगी देने का सफल प्रयास कर रही है।


इस संबंध में राज्य सरकार ने डॉ.टी.हक के नेतृत्व में विशेषज्ञों के समूह की रिपोर्ट के आधार पर 2 लाख रुपए तक के कर्ज वाले 5.64 लाख छोटे और सीमांत किसानों (पांच एकड़ तक) का पूरा फसल कर्ज माफ किया है। बाकी सीमांत किसानों को भी उनकी कर्ज राशि को ध्यान में रखे बिना 2 लाख रुपए की राहत प्रदान करने का फैसला किया गया है ताकि सारे सीमांत किसान ये राहत ले सकें। इससे अन्य 1.50 लाख किसानों को राहत प्रदान की जाएगी। इससे राज्य के करीब 10.25 लाख किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिलेगा।


किस तरह से मिल रही किसानों को राहत
पहले चरण में सहकारी बैंकों से 3,16,955 सीमांत किसानों को 1808 करोड़ रुपए की राहत दी है। दूसरे चरण में व्यापारिक बैंकों से 1,10,608 सीमांत किसानों को 1801 करोड़ रुपए की राहत दी है। तीसरे चरण में 1,26,105 छोटे किसानों को 1009 करोड़ रुपए में से 891 करोड़ रुपए की राहत दी है। चौथे चरण में व्यापारिक बैकों से 7899 छोटे किसानों को 90 करोड़ रुपए की राहत दी है। पांचवे चरण तक 5.64 लाख किसानों को 4624 करोड़ की राहत दी गई है।

2.85 लाख भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 520 करोड़ रुपए की राहत
सरकार द्वारा 2.85 लाख भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 520 करोड़ रुपए की राहत देने का फैसला किया गया जो कि प्राथमिक सहिकारी समितियों के सदस्य हैं। राज्य में आत्महत्याएं कर चुके किसानों के परिवारों का बकाया फसली कर्ज अपने सिरे लेने का फैसला किया है और इससे उनके परिवारों को काफी बड़ी राहत मिली है। क्योंकि कर्जदार किसानों द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के बाद उनके परिवारों को भी काफी अधिक कर्ज का संताप झेलना पड़ता है। सरकार उनको इस संताप से बाहर निकाल रही है। वहीं आत्महत्या पीड़ित किसान परिवारों के लिए एक्स-ग्रेशिया राशि 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए की गई है। पंजाब कोऑप्रेटिव सोसायटीज एक्ट-1961 की धारा 67-ए को रद्द किया गया है। इस धारा के साथ सहकारी संस्थाओं के कर्ज अदा ना कर सकने वालों की जमीन की निलामी की जाती थी, जो कि अब नहीं होगी।

(उपरोक्त कंटेंट दैनिक भास्कर स्पेस मार्केटिंग इनिशिएटिव के अंतर्गत पंजाब सरकार से लिया गया है)

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