चंडीगढ़ / वित्तमंत्री पंजाब बोले, पाकिस्तान की तरह फेल नहीं होना तो इंस्टीट्यूट्स का सम्मान जरूरी



पीयू में शाहमुखी का डिपार्टमेंट शुरू करने की बात की वित्तमंत्री ने पीयू में शाहमुखी का डिपार्टमेंट शुरू करने की बात की वित्तमंत्री ने
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पीयू में शाहमुखी का डिपार्टमेंट शुरू करने की बात की वित्तमंत्री नेपीयू में शाहमुखी का डिपार्टमेंट शुरू करने की बात की वित्तमंत्री ने

  • डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटीज के सेमिनार में पहुंचे मनप्रीत बादल
  • पीयू में शाहमुखी का डिपार्टमेंट शुरू करने की बात की वित्तमंत्री ने

Dainik Bhaskar

Nov 19, 2019, 10:44 AM IST

चंडीगढ़. पाकिस्तान और भारत साथ में बने, लेकिन पाकिस्तान लगभग फेल हो गया। इसकी एकमात्र वजह रही कि उन्होंने अपने इंस्टीट्यूट का सम्मान नहीं किया। संसद, सुप्रीम कोर्ट, रिजर्व बैंक व इलेक्शन कमीशन आदि की स्वायत्तता को खत्म कर दिया। भारत में भी यदि इकोनॉमी और इन इंस्टीट्युशन की स्वायत्तता बरकरार रखने का सिलसिला बाकी नहीं रहा तो पाकिस्तान वाली स्थिति ही भारत की होगी। इन शब्दों के साथ केंद्र के हर संस्था में दखल पर निशाना साधा पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने।

 

मनप्रीत बादल पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एंड नेशनल सिक्युरिटीज के सेमिनार में बोल रहे थे। वित्त मंत्री ने कहा कि बंटवारे की घटनाओं को जब तक भूला नहीं जाता, उस समय तक हम आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म को आतंक या झगड़े का कारण नहीं माना जा सकता। यदि इस्लाम ही कारण होता तो मुस्लिम देश इराक-ईरान और टर्की व सीरिया में लड़ाई नहीं होती।

 

उन्होंने पाकिस्तान के विदेशी मंत्री के बयान को दोहराया कि "हमने भारत की ओर गुगली फेंकी है... देखो क्या होता है।' उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान ने इकोनॉमी को देखते हुए जिस तरह से कॉरीडोर को प्लान किया है, वैसा हा़े नहीं रहा है।

 

सेमिनार की अध्यक्षता की वीसी प्रो राज कुमार ने जबकि की -नोट स्पीकर रहे सेक्रेटरी और पावर एंड न्यू रीन्यूअल एनर्जी सोर्स एंड डिविजनल कमिश्नर फरीदकोट आरके कौशिक। सेमिनार "पाकिस्तान की धार्मिक डिप्लोमेसी' विषय पर कराया गया था। करतारपुर कॉरीडोर और भारत-पाक संबंधों का उल्लेख करते कौशिक ने कहा हम विश्वास करेंगे लेकिन सच की तह तक भी जाकर रहेंगे।

 

पीयू में शाहमुखी का डिपार्टमेंट शुरू करें, ग्रांट हम देंगे...
वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने एक बार फिर पीयू में शाहमुखी की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव दिया। पूर्व वीसी प्रो अरुण ग्रोवर ने बयान दिया था कि उन्होंने इस बारे में प्रोजेक्ट बना कर सब्मिट कर दिया है लेकिन सोमवार को बादल ने कहा कि उनके पास प्रोजेक्ट नहीं पहुंचा। लेकिन हरसंभव ग्रांट देने के लिए वह तैयार हैं। उन्होंने सेमिनार में कहा कि किसी को भी समझने के लिए उसकी भाषा को समझना जरूरी है। पंजाबी में ही शाहमुखी, बलोच, पश्ताे व सराह आदि सभी भाषाओं को भी पढ़ाईए।

 

दुश्मन की भाषा को समझे बिना, उसे कैसे समझेंगे। इसके साथ ही उन्होंने स्टूडेंट्स की काउंसलिंग करने को कहा ताकि वह मिलिटरी में भर्ती हों। एक बार फिर भारतीय सेना और पंजाब एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए।
 

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