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स्वाइन फ्लू / नए साल के पहले 10 दिन में ही सूबे में 36 पाॅजिटिव केस और तीन मौतें

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 06:26 AM IST


first 10 days of new year, 36 positive cases swine flu
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first 10 days of new year, 36 positive cases swine flu

  • पंजाब पिछले साल हुईं थीं 10 मौतें 

सुखबीर सिंह बाजवा, चंडीगढ़ . नया साल शुरू होते ही पंजाब को स्वाइन फ्लू के संकट ने चपेट में ले लिया है। इस साल जनवरी के पहले 10 दिनों में ही राज्यभर में स्वाइन फ्लू के 36 पाॅजिटिव केस आ चुके हैं, जबकि इनमें से 3 की मौत हो चुकी हैं। ये तीन मौतें पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली जिलों में हुई हैं, जबकि पटियाला में स्वाइन फ्लू के 7 पाॅजिटिव केस, फतेहगढ़ साहिब में 1 और मोहाली जिले में 3 केस दर्ज किए गए हैं।

 

स्वास्थय मंत्री ब्रहम मोहिंदरा

 

स्वास्थय मंत्री ब्रहम मोहिंदरा ने सभी सिविल सर्जनों समेत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है, वे संबंधित मरीजों की इलाज प्राथमिकता के अाधार पर करें। इसके लिए अब तक स्वाइन फ्लू से हुई मरीजों की मौत के कारणों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है।

 

पिछले साल राज्य स्वाइन फ्लू से 10 मौतें हुई थीं। ऐसे में इस साल के पहले 10 दिन में ही राज्य में स्वाइन फ्लू से 3 मौतें होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल राज्य में स्वाइन फ्लू की स्थिति गंभीर है और अगर स्वास्थ्य विभाग ने कुछ न किया तो इस साल स्वाइन फ्लू से मौतों का आंकड़ा पिछले साल से ज्यादा भी हो सकता है। 


ये हैं लक्षण :  डाॅ. संजीव भाटिया का कहना है कि स्वाइन फ्लू ds सिंप्टम्स गला खराब होना, बुखार, सांस लेने के दिक्कत, शरीर में दर्द होना, जुकाम-खांसी होना आदि हैं। वायरल बढ़ने पर कई बार बाद में सांस लेने में दिक्कत ज्यादा बढ़ जाती है और मरीज को वेंटीलेटर के जरिये सांस देना पड़ता है। कई बार मरीज की मौत भी हो जाती है। 


ऐसे कर सकते हैं बीमारी से बचाव : उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए इस वायरल से इफेक्टेड मरीज के संपर्क में नहीं आना चाहिए। उससे हाथ नहीं मिलाना चाहिए, गले नहीं मिलना चाहिए। यह वायरल एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। ऐसे मरीजों को पब्लिक प्लेस पर थूकने से रोकना चाहिए। ठंड से बचना चाहिए। बिना डाॅक्टर की मंजूरी के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए। गला खराब न हो इसका ध्यान रखना चाहिए। छींकते समय मुंह ढकना चाहिए। आंखें, नाक और चेहरा छूने के बाद हाथ धोने चाहिए। भीड़ वाले इलाकों में न जाएं। चिकन खाने से परहेज करें। अच्छी नींद लें और स्ट्रेस से बचें। 


एक्सपर्ट व्यूः पक्षियों से फैलता है वायरल, चिकन से रखें परहेज 


बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. प्यारेलाल गर्ग का कहना है कि स्वाइन फ्लू या बर्ड फ्लू पक्षियों से फैलने वाला वायरल है। यह मुर्गियों से हो सकता है व ठंड के दिनों में होता है। ऐसे में इन दिनों चिकन आदि खाने से परेहज करना चाहिए और ठंड से बचना चाहिए।

 

इसमें डेंगू की तरह प्लेटलेट नहीं घटते, बल्कि शरीर के अन्य आॅर्गन काम करना बंद कर देते हैं। जुकाम और बुखार काफी तेज होता है। इसके दौरे भी पड़ सकते हैं। इसके लिए बीमारी के शुरू में ही ध्यान रखना चाहिए और पैरासिटामोल आदि लेते रहना चाहिए। ऐसे में इस वायरल से शुरू में ही बचा जा सकता है, लेकिन ध्यान न रखने से यह वायरल बढ़ जाता है। अमूमन यह दिसंबर में फैलता है, लेकिन इस बार जनवरी में आया है, जो करीब दो महीने रहता है। इस वायरल से बचाव के लिए ठंड से बचना चाहिए और धूप में ज्यादा से ज्यादा समय तक बैठना या सैर करनी चाहिए।

 

डिवीजन स्तर तक के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार  : केस्टेट प्रोग्राम अॉफिसर डॉ. गगनदीप सिंह का कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर सिविल अस्पतालों से डिवीजन लेवल के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। इसके अलावा तीन मेडकिल कॉलेज और जालंधर के सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर का बंदाेबस्त किया गया है।

 

65 साल से ज्यादा और 5 साल से कम उम्र के लोगों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। किडनी और अन्य क्रोनिक डिजीज वाले मरीजों को भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें सर्दी से बचाकर रखें। जो भी मरीज आए हैं और िजनकी मौत हुई है, वो देरी से अस्पताल पहुंचे हैं। ऐसे में उनका बचाव करना मुश्किल हो जाता है।

 

अगर कोई प्राइवेट अस्पतालों में भी टेस्ट करवाते हैं तो वे टेस्ट हमारे सरकारी अस्पतालों में भिजवा देते है। उनके टेस्ट बिलकुल फ्री अॉफ कास्ट किए जाते है। स्वाइन फ्लू के टेस्ट सरकारी मेडिकल कालेज अमृतसर, पटियाला व पीजीअाई में ही किए जाते है। विभाग के लोगों को अवेयर के लिए भी मीडिया समेत अन्य कैंपों का अायोजन किया जा रहा है। 

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