राजनीति / नगर निगम के पूर्व मेयर अरुण सूद बने चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष, कहा सबको साथ लेकर चलूंगा

चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अरुण सूद को जायंट गार्लेंड पहनाया गया। इस दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, एमपी किरण खेर, चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राजबाला मलिक और अन्य मौजूद थे चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अरुण सूद को जायंट गार्लेंड पहनाया गया। इस दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, एमपी किरण खेर, चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राजबाला मलिक और अन्य मौजूद थे
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चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अरुण सूद को जायंट गार्लेंड पहनाया गया। इस दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, एमपी किरण खेर, चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राजबाला मलिक और अन्य मौजूद थेचंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अरुण सूद को जायंट गार्लेंड पहनाया गया। इस दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, एमपी किरण खेर, चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राजबाला मलिक और अन्य मौजूद थे

  • अरुण सूद का नाम पहले से ही तय था, बस आज औपचारिक घोषणा की गई 
  • 1987 में सूद ने की थी आरएसएस ज्वाइन, 12 साल रहे एबीवीपी में एक्टिव
  • 2000 में पहली बार राजनीति में आए और युवा मोर्चा पंजाब प्रदेश के महामंत्री बने 

दैनिक भास्कर

Jan 17, 2020, 06:18 PM IST

चंडीगढ़. नगर निगम के पूर्व मेयर अरुण सूद चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष बन गए हैं। हालांकि अरुण सूद को इस पद के लिए चुना जाना पहले से ही तय था। लेकिन आज इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई है।

भाजपा अध्यक्ष बनते ही अरुण सूद ने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहेंगे। साथ ही पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे। 


बता दें कि भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अरुण सूद ने गुरुवार को नामांकन भरा था। चूंकि अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ सूद ने ही नामांकन भरा था, इसलिए सिर्फ औपचारिक घोषणा होना बाकी रह गया था। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर को घोषणा पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, इसलिए उन्होंने ही इसकी घोषणा की है। 


संघ और भाजपा में सूद का सफर: सूद ने बताया कि 1987 में आरएसएस ज्वाइन की थी। सूद के मुताबिक इसके दो कारण थे। उस समय मोगा हत्याकांड हुआ था। आरएसएस के लोगों पर हुए हमले में उनका क्लासमेट अमन की गोली लगने से मौत हो गई थी। सूद वहां गए तो वहां पर मिट्टी खून से सनी हुई थी, लेकिन फिर भी शाखा लगी हुई थी। उनकी निडरता से प्रभावित होकर सूद आरएसएस से जुड़े । सूद ने एबीवीपी में 12 साल एक्टिव रहे। आतंकवाद के दौरान गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में एबीवीपी को खड़ा करने की चार साल वहां लगाए। इस दौरान सूद ने लॉ की पढ़ाई की। 2000 में पहली बार राजनीति में आए और युवा मोर्चा पंजाब प्रदेश के महामंत्री बनाए गए। 2003 में पंजाब की राजनीति छोड़ दी। 2003 से 2007 के बीच संघ की विभिन्न पदों पर काम किया। 2007 में मनोहर लाल खट्टर ने ही संजय टंडन को जनरल सेक्रेटरी और सूद को सेक्रेटरी के पद पर जॉइन कराया। 2011 में सूद ने पार्षद का चुनाव लड़ा। 2016 में 15 साल के लंबे अर्से के बाद भाजपा की ओर से सूद मेयर बने । दूसरी बार 2016 में सूद ने काउंसलर का चुनाव जीता।

पिंजौर एविएशन क्लब से ली फ्लाइंग की ट्रेनिंग: सूद ने पिंजौर एविएशन क्लब से फ्लाइंग की ट्रेनिंग ली। उन्होंने को-पायलट के साथ छोटे जहाज में 262 घंटे जहाज उड़ाया। इसके अलावा बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स किया। उन्हें 1987 में बेस्ट माउंटेनियर का अवार्ड भी मिला।
 
 

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