• Hindi News
  • Local
  • Chandigarh
  • Government Bid 29343 Issued, ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌19.9 Crore of Compensation to Farmers, stubborn, supreme court decision

पंजाब / सरकार बोली-29343 किसानों को मुआवजे के ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌19.9 करोड़ जारी किए

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
X
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • किसान संगठन बोले- झूठ बोल रही है सरकार, नहीं मिले किसानों को पैसे
  • सुप्रीम कोर्ट में पराली प्रबंधन पर सूबा सरकार और किसान संगठन आमने-सामने
  • सरकार ने कहा,18 लाख के कृषि उपकरण भी दिए, कोर्ट ने फटकारा, क्या इतने से काम चल जाएगा?
  • अगली सुनवाई 25 काे, जिलेवार को देना होगा ब्योरा

दैनिक भास्कर

Nov 16, 2019, 01:52 AM IST

चंडीगढ़ (सुखबीर सिंह बाजवा). पराली जलाने की घटनाओं के कारण बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पराली प्रबंधन के लिए पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। सरकार का पक्ष रखते पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कहा,  सरकार पराली प्रबंधन के लिए विशेष काम कर रही है।

 

अभी तक 29343 किसानों को मुआवजे के रूप में 19.09 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इसके साथ विभिन्न जिलों के किसानों को 18 लाख के कृषि उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर पंजाब पॉल्यूशन बोर्ड को फटकार लगाते पूछा कि इतने बड़े पंजाब के लिए क्या 18 लाख के उपकरणों की ही जरूरत है। यह प्रबंध उचित नहीं है।

 

सरकार किसानों को दिए गए मुआवजे और उपकरणों का जिलेवार ब्योरा अगली सुनवाई पर कोर्ट के समक्ष पेश करे। अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। उधर, सुनवाई के दौरान किसान संगठनों की वकील अंकिता चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार झूठ बोल रही है।

 

किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है, न ही कोई कृषि उपकरण उपलब्ध कराए हैं, इसलिए वे पराली प्रबंधन पर काम नहीं कर पा रहे हैं। किसानों पर पराली जलाने को लेकर लगातार मामले दर्ज किए जा रहे है। अगर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए,तो मामले दर्ज क्यों किए जा रहे हैं।

 

रियलिटी चैक- कई जिलों में किसानों को नहीं मिले पैसे

पठानकोट में 577 किसानों को मुजावजा राशि दी गई है। इसके अलावा जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, संगरूर और अबोहर समेत कई जिलों में किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिली है। यहां अभी फार्म भराए जा रहे हैं।  उधर, किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ 2500 रुपए मुआवजा बहुत कम है, इस पर इससे कहीं अधिक खर्च आएगा। सरकार कम से कम 9000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दे, तब जाकर किसान पराली को सही से ठिकाने लगा पाएंगे।

 

अभी तक आए मुआवजे के लिए 85 हजार आवेदन 
कृषि सचिव काहन सिंह पन्नू ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से सौंपी सूची के मुताबिक 19.09 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि किसानों को दी गई है। अभी तक 85 हजार किसानों के आवेदन मिले हैं। आखिरी तारीख़ 30 नवंबर है।  हर आवेदन की जांच पहले गांव पंचायत करेगी फिर विभाग द्वारा की जाएगी। इसके बाद किसानों को राशि जारी की जाएगी। 

 

सरकार फाॅलो नहीं कर रही एनजीटी की गाइडलाइंस
भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि पराली प्रबंधन पर सरकार  एनजीटी की गाइडलाइंस फाॅलो नहीं कर रही है। सरकार यह काम किसानों के जिम्मे डाल रही है। इस कारण घटनाएं बढ़ रही हैं। 

 

10,53,000 किसान जुड़े हुए हैं सूबे में खेतीबाड़ी से
सूबे में इस वक्त साढ़े 19 लाख किसान हंै। इनमें से सीधे तौर पर जो खेती करते हैं उनकी संख्या 10 लाख 53 हजार है। 5 एकड़ वाले किसान 5 लाख हैं। यहीं पराली को जलाने का काम कर रहे हैं।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना