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सतर्कता / चुनावी हिंसा की आशंका, पंजाब सरकार ने केंद्र से मांगी पैरा मिलिट्री फोर्स की 20 कंपनियां



  • 19 सितंबर को होना है पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए मतदान
  • नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में हो चुकी हिंसक घटनाएं
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 10:43 AM IST

चंडीगढ़। पंजाब में 19 सितम्बर को होने वाले जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग पूरी तरह सतर्क है। बीते दिनों हुई हिंसक घटनाओं के चलते मतदान वाले दिन ऐसी और घटनाओं की आशंका है, ऐसे में हालात काे कंट्रोल में रखने के लिए पंजाब की तरफ से केंद्र सरकार से पैरामिलिट्री फोर्स की 20 कंपनियां मांगी हैं।

 

बीते दिनों हो चुकी कई घटनाएं

दरअसल बीते दिनों पंजाब में कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान मोगा जिले के धर्मकोट में एक कांग्रेस वर्कर को गोली लगी थी। वहीं कई और जगह भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थी। फिर नामांकन वापसी के दौरान भी कई जगह अकाली और कांग्रेस समर्थक भिड़ गए थे।


इसके अलावा जालंधर के थाने में हुए चार बम धमाकों के बाद भी राज्य में सतर्कता और बढ़ा दी गई है। वहीं रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट के बाद अकाली दल, चरमपंथी पंथक संगठनों व सत्तापक्ष कांग्रेस के बीच बने टकराव के माहौल के मद्देनजर भी चुनाव आयोग कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता।

 

22 जिला परिषद व 150 ब्लॉक समितियों के लिए होगा मतदान

चुनाव आयोग के मुताबिक प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख 87 हजार 395 मतदाता हैं। 22 जिला परिषद हैं और 150 ब्लॉक समितियों में जिला परिषद के 354 और पंचायत समितियों के 2900 सदस्य हैं। इनमें से 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं।

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