मोहाली / 12 साल बाद कनाडा से आए पोते ने बाजू पर दादी का चेहरा बनवाया



Grandson made grandmother's face on her side
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Grandson made grandmother's face on her side

  • पोता आकाश जोत सिंह बोला, वर्ल्ड सीनियर सिटीजन डे पर दादी को गिफ्ट देना था इसलिए बनवाया बाजू पर टैटू
  • पोते की बाजू पर फोटो गुदी हुई देख दादी की आंखें भी नम हुईं

Dainik Bhaskar

Nov 19, 2019, 07:31 AM IST

कुराली/मोहाली (मोहित शंकर). वर्ल्ड सीनियर सिटीजन डे पर एक पोते की ओर से अपनी दादी को ऐसा तोहफा दिया गया कि दादी की आंखों भी खुशी के मारे नम हो गई। करीब 12 साल बाद कनाडा के ब्रेम्टैन से मोहाली जिले के कुराली का रहने वाला आकाश जोत सिंह बासंती स्पेशल अपनी दादी गुरदेव कौर तथा दादा प्यारा सिंह को मिलने के लिए अपने गांव कुराली पहुंचा। 

 

आकाश ने अपनी दादी को अपनी बाजू पर बनवाया उसकी फोटो का परमानेंट टैटू दिखाया और कहा कि यह उसकी तरफ से दादी के लिए वर्ल्ड सीनियर सीटिजन डे का तोहफा है। अपने पोते की बाजू पर अपनी फोटो गुदी हुई देख कर दादी की आंखें भी नम हो गई। दादी हरपाल कौर ने कहा कि आज के समय में भी बच्चे अपने बुजुर्गों से इतना प्यार करते हैं यह उन्होंने सोचा तक नहीं था। उन्होंने कहा कि वो बहुत ही किस्मत वाली हैं कि उन्हें इतना प्यार करने वाला पोता मिला है। बचपन में ही चला गया था कैनेडा, दादी ज्यादा याद नहीं थी: आकाश जोत ने बताया कि वो छोटी उम्र में ही अपने पिता शमशेर सिंह के साथ कनाडा चला गया था और उसकी मां और बहन भी कैनेडा में ही सैटल हो गए थे। उसने बताया कि जब वो कनाडा गया था तो उस वक्त उसे अपनी दादी की ज्यादा याद नहीं थी और वो उसे अच्छी तरह से जान भी नहीं पाया था। 

 

लेकिन जब वो कई साल तक कनाडा में रहा और वहां का कल्चर देखा और दादी से दूर रहकर पता चला कि दादी का प्यार किसी स्वर्ग से कम अहसास नहीं दिलाता। जिसके बाद वो वीडियो कॉल पर रोजाना अपनी दादी से बात करता था। 

 

दादी को देना था तोहफा इससे बढ़िया कुछ नहीं सूझा 
आकाश ने बताया कि कनाडा में रहते हुए ऑनलाइन दादी के साथ बात करते-करते उसे अपनी दादी से बहुत ज्यादा लगाव हो गया। उसने बताया कि उसने सोचा था कि जब वो अपनी दादी से मिलेगा तो उसे कोई ना कोई एेसा तोहफा देगा जिसे वो हमेशा याद रख सके। इसलिए उसने सोचा की वो दादी की फोटो बाजू पर परमानेंट टैटू बनवाकर अपनी दादी को तोहफा दे।

 

बुजुर्ग खजाने से कम नहीं हैं यह अगली पीढ़ी को बताना मकसद... 
आकाश ने बताया कि उसका अपनी बाजू पर परमानेंट टैटू बनवाने का एक मकसद यह भी था कि वो अपनी अगली पीढ़ी अपने बच्चों को हमेशा उसकी दादी की फोटो अपनी बाजू पर बनी हुई दिखा सके। ताकि बच्चों तक यह मैसेज जा सके कि बुजुर्ग किसी अनमोल खजाने से कम नहीं होते और उन्हें हमेशा अपने दिल में सहेज कर रखना चाहिए।

 

मिसिसागा से 1,36,000 रुपए में बनवाया टैटू
आकाश ने सबसे पहले इंडिया से दादी की फोटो मंगवाई। उसके बाद बेस्ट टैटू आर्टिस्ट को सर्च किया। इसके लिए आकाश ने 25 सौ डाॅलर यानी 1,36,000 रुपए का परमानेंट टैटू बनवाया।

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