खुदकुशी / मोहाली के ट्रांसजेंडर हिना का एडवोकेट बनने का था सपना, पंखे से फंदा लगाकर दी जान



Hanged by the transgender
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Hanged by the transgender

  • 12वीं में आए थे 70% से ज्यादा नंबर, आर्थिक तंगी के कारण 3 साल की जर्नलिज्म में ली थी एडमिशन
  • पढ़ाई कर समाज सेवा करने का मकसद था

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 11:12 AM IST

मोहाली. बड़माजरा में किराये के मकान में रहने वाले 19 साल के ट्रांसजेंडर हिना ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पड़ोसियों ने हिना को पंखे से लटके देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पोस्टमाॅर्टम करवा शव घरवालों को सौंप दिया। घरवाले शव को अपने मूल निवास स्थान बस्सी पठाना में संस्कार के लिए ले गए। पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता हरमिंदर सिंह के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की।

 

पढ़ाई का इतना शौक कि एलएलबी करना चाहती थी हीना

हिना के साथी धनंजय ने बताया वह मूल रूप से बस्सी पठाना का रहने वाला था। डेढ़ साल पहले घरवालों ने उसे घर से निकाल दिया था। उसे यह टेंशन थी कि अकेले रहते हुए पढ़ाई, खाने और रहने का खर्च कैसे पूरा होगा। समाज भी उन जैसे लोगों को अपनाता नहीं और अलग नजरिए से देखता है।

 

मृतक हीना के साथियों ने बताया कि उसने बस्सी पठाना के स्कूल से प्राइवेट 12वीं की परीक्षा दी थी और 70% से ज्यादा नंबर लिए थे। वह एडवोकेट बनकर लोगों को न्याय दिलवाना चाहता था। लेकिन, आर्थिक तंगी के कारण उसने 5 साल की एलएलबी की जगह 3 साल की जर्नलिज्म में एडमिशन लेने का मन बनाया।

 

हिना के साथी ने बताया वह एडमिशन को लेकर काफी खुश था। सुबह से लेकर शाम वह इकट्ठे थे और शुक्रवार शाम 6 बजे हिना को बड़माजरा उसके रूम के बाहर छोड़कर आए थे। हिना ने ऐसा कदम क्यों उठाया पुलिस इस मामले में जांच करेगी।

 

पहली बार मतदान किया

हिना लोकसभा चुनाव से पहले ही 18 साल पूरे कर 19वें साल में पहुंचा था। इस बार उसने पहली बार अपना मतदान किया था। पंजाब चुनाव आयोग ने हिना को पहले वोटर के तौर पर अपनी साइट पर पोस्टर भी लगाया था। इसको लेकर भी वह काफी खुश था और उसने पहली बार अपने मतदान का प्रयोग किया और समाज में अपनी भागेदारी दी।

 

घरवाले नहीं देते थे साथ
पंजाब में हिना को एडमिशन नहीं मिली तो हरियाणा के सेक्टर-1 गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन ली। वह पहला ऐसा ट्रांसजेंडर था जिसको पहली बार हरियाणा में एडमिशन मिली थी। उसे पढ़ाई में शौक था, लेकिन आर्थिक तंगी थी और घरवाले साथ नहीं देते थे। किसी तरह साथियों ने पैसे इकट्‌ठे कर एडमिशन करवा दी। अब फीस की दिक्कत थी। इसलिए शुक्रवार को प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईएएस नीरजा शेखर गवर्नमेंट ऑफ पंजाब से मिले थे। जिसके बाद हीना की फीस भी माफ हो गई थी और सब इसको लेकर काफी खुश थे।

 

घटनास्थल से नहीं मिला सुसाइड नोट, शव घरवालों को सौंपा...

पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि बड़माजरा में एक लड़की ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली है। जाकर देखा तो पता चला कि वह ट्रांसजेंडर है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जिससे सुसाइड के कारण का पता चल सके। शव काे पंखे से उतारकर खरड़ सिविल अस्पताल में पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमाॅर्टम के बाद हिना के पिता हरमिंदर सिंह के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव सौंप दिया गया। -अमृतपाल सिंह, एसएचओ बलौंगी पुलिस स्टेशन

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