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प्लानिंग  / मोहाली में साइबर सेल का बनेगा अलग हेडक्वार्टर



Headquarters of Cyber Cell in Mohali
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Headquarters of Cyber Cell in Mohali
  • कट्टरपंथियों और गैंगस्टर्स के सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
  • नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक विभिन्न डिपार्टमेंट के संपर्क में रहेगा साइबर सेल
  • विदेशी आतंकियों, आईएसआई और साइबर क्राइम पर अंकुश  के लिए पंजाब पुलिस ने बनाई रणनीति 

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 06:26 AM IST

सुखबीर सिंह बाजवा, चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने आईएसआई, विदेशी आतंकियों और साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। इससे अब साइबर क्राइम का कोई भी अपराधी या विदेशी आतंकी संगठनों से जुड़े अपराधी आसानी से नहीं बच पाएंगे। यह प्लान इसलिए तैयार किया गया है, क्योंकि पंजाब पुलिस के समक्ष आतंकी गतिविधियों से जुड़े साइबर क्राइम को लेकर चुनौतियां हैं। 

 

गैंगस्टर्स और आतंकवादियों के अलावा अन्य अपराधी इन दिनों बड़े स्तर पर साइबर क्राइम में कदम रख रहे हैं, जिसमें बैकिंग से जुड़े फ्राॅड, सोशल मीडिया से जरिए फ्राॅड और अन्य साइबर क्राइम शामिल हैं। अब बनाए गए प्लान के तहत पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने इस अपराध से निपटने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास तेज किए हैं।

 

इसके तहत जहां इंटरनेशनल स्तर पर अन्य देशों की पुलिस से संपर्क स्थापित किया जा रहा है, वहीं साइबर सेल के अफसरों और कर्मचारियों को उच्च स्तर की ट्रेनिंग देनी भी शुरू कर दी गई है। साइबर सेल का राज्यस्तरीय हेडक्वार्टर मोहाली में तैयार किया जा रहा है, जिसमें जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

 

यहां से अफसरों का संपर्क जिला लेवल पर बनाए गए सभी साइबर सेल कार्यालयों, अन्य राज्यों और देशों की पुलिस से भी रहेगा। राज्यस्तरीय हेडक्वार्टर में एआईजी साइबर, डीएसपी और एसएचओ लेवल के अफसर और जिलास्तरीय कार्यालयों में करीब 100 अफसरों एवं कर्मचारियों का स्टाफ होगा।
 

}पुलिस से ही चुना गया है साइबर सेल का स्टाफ, कोई नई भर्ती नहीं की :
साइबर सेल के लिए अलग से स्टाफ की भर्ती नहीं की गई है, बल्कि इसके लिए जनरल पुलिस से ही कर्मचारियों को चुनकर साइबर सेल में रखा गया है। यह सब उन कर्मचारियों की इच्छा जानने के बाद ही किया गया है। जो पुलिसकर्मी साइबर सेल में जाने का इच्छुक है और उसे इस काम में इंट्रस्ट है, उसी को साइबर सेल में रखा गया है। 

 

जिसके लिए पहले उसे एक लिखित टेस्ट से भी गुजरना पड़ा। यानी उनकी नाॅलेज को देखने के बाद ही उन्हें साइबर क्राइम सेल में लाया गया है। हर जिले से पहले 200 इच्छुक पुलिसकर्मियों को चुना गया। उनमें से 90 को शाॅटलिस्ट किया गया। इसके अलावा 10 एनजीओ को साथ रखा गया।

 

}38 सब इंस्पेक्टर्स की चल रही है ट्रेनिंग, शिक्षण संस्थानों से लिया जाएगा सहयोग :
साइबर क्राइम सेल के लिए जनरल पुलिस से लिए गए पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है। इस समय 38 सब इंस्पेक्टर्स की स्पेशल ट्रेनिंग चल रही है। उन्हें सोशल मीडिया और अन्य मसलों पर अलग अलग तरीके की ट्रेनिंग दी जा रही है।

 

अन्य स्टाफ को ट्रेनिंग देने के लिए राजीव गांधी नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, लवली यूनिवर्सिटी जालंधर, पेक आदि से एमओयू साइन किया गया है, ताकि उनके जरिये साइबर सेल के स्टाफ को ट्रेनिंग दिलाई जा सके। इन यूनिवर्सिटीज की ओर से साइबल सेल के स्टाफ को ट्रेनिंग देने के लिए अलग से कोर्स डिजाइन किए जा रहे हैं। ट्रेनिंग के बाद कर्मचारियों को इसकी डिग्री दी जाएगी। उनके लिए केस स्टडीज के जरिये कोर्स डेवलप किए जा रहे हैं।

 

}रेंज से सब डिविजनल लेवल पर खुलेंगे यूनिट : 

रेंज, जिला और सब डिविजन लेवल पर साइबर इन्वेस्टिगेशन एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट खोले जाएंगे। इनमें कम्प्यूटर सेल, माॅनीटरिंग सेल और ट्रेंड मैनपावर रखी जाएगी। हर सब डिविजन में दो से तीन स्टाफ कर्मी होंगे। इसके अलावा रेंज और सब डिविजन लेवल पर आॅपरेशन यूनिट होंगे।

 

साइब सेल में मुख्य रूप से सोशल मीडिया का मिसयूज करने और किसी के बैंक खाते से पैसे निकालने के मामले मुख्य रूप से सामने आ रहे हैं। इसके लिए साइबर सेल की ओर से जहां अपराधियों को पकड़ने के लिए मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं लोगों को जागरूक करने के लिए भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 

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