पेपर लीक केस / हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज, आराेपी ने कहा- कोर्ट अपने दायरे से बाहर जा रहा

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  • हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले में 3 हफ्ते में चार्ज फ्रेम करने के लिए कहा था
  • एचसीएस पेपर लीक स्कैम के आरोपी सुनील चोपड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 03:04 PM IST

चंडीगढ़. हरियाणा सिविल सर्विसिस (एचसीएस) ज्यूडिशियल पेपर लीक स्कैम में तीन साल बाद ट्रायल कोर्ट ने सभी 9 आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। यानी अब इन सभी के खिलाफ ट्रायल शुरू होगा। लेकिन इससे पहले ही केस के एक आरोपी सुनील चोपड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। चोपड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को चार्ज फ्रेम करने के लिए जो ऑर्डर दिए थे वे गलत थे। हाईकोर्ट अपनी ज्यूरीडिक्शन से बाहर जाकर ट्रायल कोर्ट को ऐसे ऑर्डर दे रहा है, जबकि अभी केस की जांच पूरी नहीं हुई है। सुनील चोपड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को सुनवाई होगी।


10 जनवरी को हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाया था, जिसमें कहा था कि ट्रायल कोर्ट इस केस में तीन हफ्ते के भीतर सभी आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करे। हाईकोर्ट ने कहा था कि इस केस को बेवजह लंबित किया जा रहा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ट्रायल कोर्ट ने इस केस की रोजाना सुनवाई शुरू कर दी और आखिरकार 31 जनवरी को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय (चार्जेज फ्रेम) कर दिए। चोपड़ा के वकील मलकीत सिंह जंडियाला ने कहा कि ये आरोपी का कानूनी अधिकार है कि उसके खिलाफ जो केस है, उसकी सही और निष्पक्ष सुनवाई हो। लेकिन ऐसे फैसलों से लगता है कि उन्हें इस अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। एडवोकेट जंडियाला के मुताबिक इस केस में चोपड़ा ने वॉइस सैंपल देने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। उस पर भी अभी फैसला नहीं आया है। इससे पहले ही हाईकोर्ट ने ये ऑर्डर दे दिए।


इन आरोपियों के खिलाफ चल रहा है केस
केस में मुख्य आरोपी और एग्जाम की टॉपर रहीं सुनीता है। उसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट बलविंदर कुमार शर्मा, सुशीला, कुलदीप, सुनील कुमार चोपड़ा उर्फ टीटू, सुभाष चंद्र गोदारा, आयूषी, सुशील भादू और तेजिंदर बिश्नोई भी आरोपी हैं। इन सभी के खिलाफ 31 जनवरी को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 409, 420, 201, 120बी और प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 8/9/13(1) और 13(डी) के तहत चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। अब मामले की सुनवाई 13 मार्च से होगी।

यह है मामला

20 मार्च 2017 को हरियाणा में 109 जजों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। 16 जुलाई 2017 को लिखित परीक्षा थी। लेकिन इसी दौरान पेपर लीक का मामला सामने आया। हाईकोर्ट ने इसके बाद पेपर स्क्रैप कर दिया था। एक महिला एडवोकेट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि एचसीएस परीक्षा का पेपर डेढ़ करोड़ में बिक रहा था और इसकी उसे भी पेशकश की गई थी। इस एग्जाम के लिए वे जिस कोचिंग सेंटर में पढ़ रही थी वहां उसकी दोस्ती सुशीला नामक एक महिला से हुई। एक दिन उसने सुशीला से लेक्चर से जुड़ी ऑडियो क्लिप मांगी। लेकिन सुशीला ने गलती से एक ऑडियो क्लिप सेंड कर दी जिसमें उसकी केस की मुख्य आरोपी सुनीता से बातचीत थी। उस क्लिप में दोनों के बीच पेपर लीक की बात हो रही थी। इसके बाद सुमन ने हाईकोर्ट में शिकायत दी। हाईकोर्ट ने उस पर सुनवाई करते हुए पुलिस को केस दर्ज करने के निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस ने सुशीला, सुनीता समेत 9 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

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