सिस्टम / यात्रियों की ट्रेन मिस न हो इसलिए अब मोबाइल पर ही सुनेगी ट्रेन की अनाउंसमेंट



Information about the arrival of the train will now be found on mobile
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Information about the arrival of the train will now be found on mobile

  • हैकाथॉन कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रांची की टीम ने निकाला सॉल्यूशन
  • ट्रेन इंक्वायरी के लिए बेसिक टेक्स्ट मैसेज के जरिए सिर्फ गाड़ी का नंबर भेजने पर पूरी जानकारी मिल जाएगी 

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 10:43 AM IST

चंडीगढ़( ननु जोगिंदर सिंह). रेलवे स्टेशन पर ज्यादा भीड़, गाड़ियों की आवाज या शोर की वजह से बहुत से पैसेंजर्स की ट्रेन मिस हो जाता है या अचानक भागदौड़ बढ़ जाती है। इसी का सॉल्यूशन निकालने के लिए यंग इंजीनियर्स को मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे ने टारगेट दिया था।
सीएसआईआर-सीएसआईओ में चल रही हैकाथाॅन में पांच दिन यानि 120 घंटे का सॉल्यूशन दिया है कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रांची की टीम ने। उन्होंने ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिसमें हरेक रेलवे स्टेशन पर होने वाली ट्रेन की अनाउंसमेंट को पैसेंजर अपने मोबाइल पर एफएम के जरिए सुन सकेंगे। टीम अपनी कैटेगरी में फर्स्ट आई है और उसे 50 हजार रुपए का इनाम मिला है।

 

रेलवे के पास फिलहाल अपनी फ्रीक्वेंसी नहीं है, लेकिन टीम ने ट्रायल के लिए इसको 106.8 पर सेट किया है। उन्होंने रेल@सूचना नाम से एक वेबसाइट बनाई है, जिसके जरिए न सिर्फ हर रेलवे स्टेशन की अनाउंसमेंट सुुनना संभव होगा, बल्कि ट्रेन इंक्वायरी के लिए बेसिक टेक्स्ट मैसेज के जरिए सिर्फ गाड़ी का नंबर भेजने पर पूरी जानकारी मिल जाएगा कि गाड़ी कितने बजे और कौन से प्लेटफॉर्म पर आएगी।

 

ईसीई और सीएसई के मोहम्मद शफी, अंकेश कुमार, मुरारी तिवारी, आकाश प्रजापति, नेहा दुबे और प्रीति कुमारी चौधरी की टीम ने इसे तैयार किया है। उन्होंने इसे अंबाला, चंडीगढ़, कालका और रांची रेलवे स्टेशन से इसे जोड़ा भी है। अनाउंसमेंट को दोबारा सुनने का मौका आधे घंटे में पैसेंजर्स को मिलेगा।

 

बिना रुके निकलेंगी टोल प्लाजा पर 1.42 मिनट में 50 कारें...
मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट के चैलेंज पर काम किया है लोयला आईसीएएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी चेन्नई की टीम ने। चेन्नई और बंगाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कलकत्ता दोनों ही टीमों का सिस्टम लगभग मिलता जुलता है। दोनों ही टीमों ने टोल प्लाजा पर गाड़ियां जल्दी निकालने के लिए आरएफआईडी रीडर बेस सिस्टम तैयार किया है। चेन्नई के नवीन जॉय, सुरेश कुमार, जोनाथन टंगादुराई, जे लॉरेंस, सीतारमण, अमृता मैरी और कामेश्वर की टीम ने ऐसा सिस्टम तैयार किया, जिसमें हर गाड़ी का आरएफआईडी नंबर के साथ जुड़ा वॉलेट होगा।
 

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