साजिश / सिख रेफरेंडम ऐप के जरिए पंजाब में गड़बड़ी कराने की फिराक में आईएसआई



ISI is preparing, to make a mess, in Punjab, through Referendum App, isi
गूगल प्ले स्टोर पर रेफरेंडम ऐप। गूगल प्ले स्टोर पर रेफरेंडम ऐप।
X
ISI is preparing, to make a mess, in Punjab, through Referendum App, isi
गूगल प्ले स्टोर पर रेफरेंडम ऐप।गूगल प्ले स्टोर पर रेफरेंडम ऐप।

  • खुफिया इनपुट: आईएसआई ने खालिस्तानी समर्थकों पर पंजाब में गड़बड़ी करवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है
  • करतापुर कॉरिडोर के खुलने के समय अपने घिनौने मकसद को पूरा करना चाहती है आईएसआई

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 06:33 AM IST

चंडीगढ़. पंजाब सहित देश में गड़बड़ी करने के लिए अब खालिस्तान समर्थक पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं। इसके लिए अब खालिस्तानी समर्थकों ने ऐसा तरीका अपनाया है कि बिना पुलिस की जानकारी के हजारों समर्थक जुड़ सकते हैं। इसके लिए खालिस्तानी समर्थकों के आकाओं द्वारा 2020 सिख रेफरेंडम ऐप को बनाया गया है।

 

इतना ही नहीं इस ऐप को गूगल के प्ले स्टोर से कोई भी आसानी से डाउनलोड कर रेफरेंडम की मुहिम के साथ जुड़ सकता है। पंजाब सरकार को इसकी जानकारी मिलने के बाद सरकार के भी कान खड़े हो गए हैं। क्योंकि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को जो इनपुट मिले हैं उसके मुताबिक आईएसआई ने खालिस्तानी समर्थकों पर पंजाब में गड़बड़ी करवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसा तब हो रहा है जब करतारपुर कॉरिडोर खुल गया है।

 

इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद साफ पता चलता है कि इस ऐप का कनेक्शन कहीं ना कहीं पाकिस्तान से जरूर है। क्योंकि इस ऐप में अपना नंबर ऐड करने की जगह पर डिफाल्टर तौर पर पाकिस्तान लिखा आता है। लेकिन खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इसे अमेरिका से ऑपरेट किया जा रहा है। अपने साथ जुडऩे वाले समर्थकों को खालिस्तानी समर्थकों के द्वारा विदेशों में नौकरी का लालच दिया जाता है।

 

पूछा जाता है किस देश की टीम ज्वाइन करेंगे
इस एप के फ्रंट पेज पर पंजाब रेफरेंडम 2020 फाॅर खालिस्तान लिखा हुआ है। इसके बाद मेंबरशिप रजिस्ट्रेशन सिलेक्ट यू आर टीम 2020 लिखा हुआ है। इसमें पंजाब सहित अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, आस्ट्रेलिया, मलेशिया, नार्वे, आस्टेरिया, डेनमार्क, मैक्सिको, बेलजियम और फ्रांस के झंडे बने हुए हैं। जिसमें पूछा गया है कि किस टीम को ज्वाइन करना है। इसके बाद दूसरे स्टैप पर जाने से मेंबर बनने वाले का पूरा नाम, ईमेल एड्रेस और व्हाट्सएप नंबर मांगा जाता है। जहां पर बाय डिफाल्टर पाकिस्तान लिखा हुआ है।

 

पंजाब के लिए है खतरा 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटना पूरे मुल्क के लिए और खासकर पंजाब के लिए सुरक्षा के पक्ष से खतरे के सरोकार रखता है। उन्होंने कहा कि इस ऐप को लांच किये जाने के लिए समय का चुनाव संकेत देता है कि करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के मौके को आईएसआई भारतीय सिख भाईचारे को दोफाड़ करने के अपने घिनौने एजेंडे को मौके के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना