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  • Jasbir of Sangrur suffered, a leg bite in a bus truck collision, now the insurance company, and PRTC will have to pay 60

पंजाब / बस-ट्रक की टक्कर में संगरूर के जसबीर को एक टांग कटवानी पड़ी, अब बीमा कंपनी और पीआरटीसी काे देना हाेगा 60 लाख

हादसे में क्षतिग्रस्त हुआ हुआ ट़्रक। हादसे में क्षतिग्रस्त हुआ हुआ ट़्रक।
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हादसे में क्षतिग्रस्त हुआ हुआ ट़्रक।हादसे में क्षतिग्रस्त हुआ हुआ ट़्रक।

  • संगरूर में 30 दिसंबर 2017 काे हुअा था हादसा, 4 यात्रियाें की मौत अाैर 11 जख्मी हुए थे

दैनिक भास्कर

Nov 14, 2019, 03:24 AM IST

संगरूर. 30 दिसंबर 2017 काे बस अाैर ट्रक की सीधा टक्कर में बस में टिकट लेकर यात्रा कर रहे संगरूर के तरंजीखेड़ा गांव िनवासी जसबीर सिंह की दाेनाें टांगे टूट गईं थी। चंडीगढ़ पीजीअाई में इलाज के दाैरान एक टांग कटवानी पड़ी। दाे माह चले इलाज के दाैरान करीब 18 लाख खर्च अाया। इसके बाद मुअावजे के लिए काेर्ट की शरण में गए। एक टांग के सहारे करीब पाैने दाे साल तक काेर्ट के चक्कर काटे।

 

मंगलवार काे मोटर एक्सीडेंटल क्लेम ट्रिब्यूनल संगरूर ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी अाैर पेप्सू रोड ट्रासपोर्ट कार्पोरेशन बठिंडा डिपो को आदेश दिए हैं कि हादसे में अपाहिज हो चुके जसबीर सिंह को दाे माह के अंदर 60 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। मुआवजा राशि बीमा कंपनी और पीआरटीसी को बराबर-बराबर देनी होगी। दो माह में राशि अदा न करने पर 9 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
 

नाैकरी चली गई, रिश्तेदारों से कर्ज लेकर कराया इलाज

गांव तरंजीखेड़ा निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि आईटीआई करने के बाद चंडीगढ़ में निजी फैक्टरी में इलेक्ट्रिशयन की जॉब करता था। वेतन व दूसरे खर्चों समेत 35 हजार महीना मिलता था। प्रतिदिन गांव से चंडीगढ़ के लिए अप-डाउन करता था। 30 दिसंबर 2017 की सुबह वह ड्यूटी समाप्त कर चंडीगढ़ से सरकारी बस से लौट रहा था। तभी सुबह करीब 9 बजे भवानीगढ़ रोड पर गांव सजूमां के पास सुनाम की तरफ से आ रहे ट्रक से बस की सीधे टक्कर हो गई।

 

हादसे में 4 व्यक्तियों की मौत हो गई थी, जबकि 11 लोग जख्मी हो गए थे। उसकी दोनों टांगे टूट गईं थी। उसे पहले भवानीगढ़ में भर्ती करवाया गया। जिसके बाद उसे पटियाला ले जाया गया, जहां से उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था। करीब सवा माह चंडीगढ़ में उपचार चला। इस दौरान उसकी एक टांग काटनी पड़ी थी। उपचार में उसका 15 से 18 लाख रुपए खर्च आया था। उपचार में आर्थिक मदद के लिए रिश्तेदारों और दोस्तों से मदद ली गई थी। अपाहिज होने के कारण उसकी नौकरी चली गई थी। इस कारण परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया था। परिवार में पत्नी, एक बेटा और बेटी है। माता-पिता भी साथ ही रहते हैं। जिसके बाद उन्होंने मुआवजे के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
 

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