चंडीगढ़ / नशा तस्करों के खिलाफ कोऑर्डिनेशन के लिए पंचकूला में बनेगा पुलिसिंग व ड्रग्स सचिवालय



Joint Meeting of DGP of Northern States against intoxication and crime
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Joint Meeting of DGP of Northern States against intoxication and crime

  • नशा और अपराध के खिलाफ उत्तरी राज्यों के डीजीपी की जॉइंट मीटिंग में कई मुद्दों पर सहमति
     

Dainik Bhaskar

Jul 18, 2019, 02:22 AM IST

चंडीगढ़. उत्तरी राज्यों के पुलिस प्रमुखों की बैठक में तस्करों की सप्लाई चेन और गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने संबंधी चर्चा की गई। सहमति जताई कि बेहतर समन्वय के लिए पंचकूला में ड्रग्स सचिवालय बनाया जाएगा, जहां से को-आॅर्डिनेशन के जरिए स्टीक व जल्द कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके। उत्तरी क्षेत्र पुलिस समन्वय समिति की संयुक्त बैठक की मेजबानी डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता ने की।

 

बैठक में हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, नई दिल्ली और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। डीजीपी गुप्ता ने कहा कि ड्रग्स और गैंगस्टरों के खिलाफ ड्राइव में बेहतर समन्वय और परिणाम के लिए सूचनाओं को तत्काल साझा करने के लिए भी सामान्य आईटी आधारित प्लेटफॉर्म को विकसित करने की जरूरत है। सभी ने इस पर सहमति जताई।

 

डीजीपी हरियाणा मनोज यादव ने आम पुलिसिंग व ड्रग्स सचिवालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें सभी सदस्य राज्यों के प्रतिनिधि पुलिस अधिकारी मौजूद रहें और संबंधित राज्यों के बीच नशा, गैंगस्टर व अन्य जघन्य अपराधों संबंधी बेहतर व तेज तरीके से जरूरतों व सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। इससे भी अच्छे व तेज परिणाम हासिल होने के मौके बढ़ेंगे। सभी डीजीपी ने इस पर सहमति जताई और यह भी तय हो गया कि यह सचिवालय पंचकूला में बनाया जाए। 

 

कांगड़ा-पठानकोट में चलेगा जॉइंट ऑपरेशन
डीजीपी हिमाचल सीता राम मारडी ने कहा कि पंजाब और हिमाचल ने कांगड़ा-पठानकोट क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि मोबाइल कनेक्शन लेने और बैंक खाता खोलने को बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य की जानी चाहिए। एडीजीपी व एटीएस और एसओजी राजस्थान अनिल पालीवाल ने प्रस्ताव दिया कि नशे में फंसे विदेशियों के निर्वासन के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं।

 

चंडीगढ़ के डीजीपी ने की मकोका की वकालत
डीजीपी चंडीगढ़ संजय बेनीवाल ने गैंगस्टर्स और हार्डकोर अपराधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तरी राज्यों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) शुरू करने की वकालत की। उनके सुझाव पर यह भी तय किया गया कि पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) का अन्य राज्यों में विस्तार करने की संभावना का भी पता लगाया जाएगा। ज्यादातर राज्यों के पुलिस प्रमुखों ने सीमांत इलाकों में पुलिसिंग और बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही सभी राज्य मिलकर केंद्रीय गृह मंत्रालय को आग्रह करेंगे कि वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के साथ व्यापार के लिए ‘ट्रक स्कैनर लगवाया जाए ताकि पाक से पंजाब के रास्ते आ रहे नशे को रोका जा सके। 

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