पंचकूला / 3 साल के बच्चे को स्ट्रे डॉग ने 27 जगह से नोचा, होंठ फाड़ा, आंख से भी खून निकल रहा,पीजीआई में एडमिट



इस बच्चे को नाेचा हे कुत्ते ने इस बच्चे को नाेचा हे कुत्ते ने
X
इस बच्चे को नाेचा हे कुत्ते नेइस बच्चे को नाेचा हे कुत्ते ने

  • और कितने चेहरे नोचेगा निगम, कब खुलेगी जिम्मेदारों की आंख

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2019, 11:31 AM IST

पंचकूला. मासूम बच्चों के चेहरे को स्ट्रे डॉग नोच रहे हैं। ताजा मामला पंचकूला का है। नाडा साहिब गुरुद्वारे के सामने पड़ते गांव नाडा में एक तीन साल के मासूम बच्चे को स्ट्रे डॉग ने बुरी तरह से नोच लिया।

 

स्ट्रे डॉग ने अंकुश के होंठ को बुरी तरह फाड़ दिया। दर्द हो रहा है, लेकिन होंठ कटा होने के कारण वह रो भी नहीं पा रहा। बार-बार मम्मी कहने की कोशिश भर कर पाता है। 

 

कुत्ते ने बच्चे के चेहरे का मांस इस कदर खींचकर अलग कर दिया है कि उसके जबड़े का आखिरी हिस्सा बाहर से दिखाई दे रहा है। एक आंख जख्मी हो चुकी है, अंदर से खून निकल रहा है। 

 

पलक को झपक तक नहीं सकता। दाईं टांग पर भी कई गहरे घाव पड़ रहे हैं। स्ट्रे डॉग ने बच्चे को कुल 27 जगह से नोचा है।


अंकुश के पिता श्रीपाल अपने लाडले को जख्मी हालत में पंचकूला सेक्टर- 6 स्थित जनरल अस्पताल में लाए। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालात को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया है। अब पीजीआई में सर्जरी करवाई जाएगी।

 

अब सवाल उठता है कि आखिर कब तक स्ट्रे डॉग बच्चों को यूं ही नोचते रहेंगे। एमसी के अफसर इस मामले में बुरी तरह से फेल साबित हुए हैं। जब कोई ऐसी घटना होती है, बस तभी थोड़ी हलचल दिखाते हैं। इसके बाद आराम से अपने ऑफिस में बैठ जाते हैं। आखिर एमसी और कितने बच्चों के चेहरे नोचेगा?

 

घर के बाहर खेल रहा था: श्रीपाल ने बताया कि वह नाडा गांव में रहता है। घर पर उसका परिवार मौजूद था। मंगलवार शाम करीब 6 बजकर 20 मिनट पर घर के बाहर खेल रहे उसके बेटे पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। वह अंकुश के ऊपर चढ़ गया और पंजों और दांतों से उस पर हमला किया गया। कुत्ते ने अंकुश के पहले तो आंख पर हमला किया और उसके बाद होंठों को पकड़कर छोड़ा ही नहीं। बड़ी मुश्किल से उसे छुड़वाया। इसके बाद उसे यहां सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में लेकर आए।


पलक भी झपक नहीं पा रहा मासूम: 

  1. अंकुश के चेहरे सहित पूरे शरीर पर 27 घाव हैं। उसकी राइट टांग पर कुत्तों के पंजों के गहरे निशान हैं, जिसमें से खून बह रहा था।
  2. बच्चे की एक आंख जख्मी हो चुकी है। वह पलक भी झपक नहीं पा रहा है। अंदरूनी चोट के साथ-साथ आंख के दोनों तरफ जख्म है।
  3. चेहरे पर राइट साइड के होंठ को पूरी तरह से नोच दिया गया है। देखने पर जबड़े का आखिरी हिस्सा तक नजर आता है।

मेरे बेटे की तो जिंदगी बर्बाद हो गई: पिता श्रीपाल ने बताया कि अंकुश पीजीआई में एडमिट है। इंजेक्शन लगाए हैं, ड्रिप भी लगाई है। अंकुश का दर्द कम नहीं हो रहा है। डॉक्टर बोल रहे हैं कि पट्टी तो कर दी है, बुधवार को बड़े डॉक्टर आएंगे, वे सही तरीके से इलाज करेंगे। श्रीपाल ने कहा कि डॉक्टर अभी नहीं बता रहे हैं कि इलाज पर कितना खर्च आएगा। मेरे पास तो रुपए भी नहीं हैं। निगम अफसरों की लापरवाही की वजह से मेरे बेटे की जिंदगी खराब हो गई।


कागजों में नहीं, जमीन पर हो काम: यह मामला पूरे सिस्टम को हिला देने वाला है। लगातार बच्चे स्ट्रे डॉग्स का शिकार हो रहे हैं। इसलिए प्रशासन और जिम्मेदार अफसरों को कागजी कार्रवाई के बजाय ग्राउंड लेवल पर काम करना होगा। इन मासूमों को नहीं पता कि सिस्टम कौन ठीक करेगा, लेकिन जिम्मेदारों को तो पता ही होगा?


इस हालत के ये हैं जिम्मेदार: 

1.पंचकूला में स्ट्रे डॉग्स की स्टरलाइजेशन करवाने की जिम्मेदारी नगर` निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल की है। इस बारे में बात करने के लिए जोगपाल को कई बार कॉल की गई, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
2. जिम्मेदारी पंचकूला निगम के ईओ जरनैल सिंह की भी बनती है। उनकी देखरेख में ही स्टरलाइजेशन का काम किया जाता है। टेंडर करने के बाद फंड रिलीज करने के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। उन्हें कई बार कॉल की गई, लेकिन उन्होंने भी कॉल पिक ही नहीं की।

मासूम बनते रहे हैं निशाना

  • 22 मार्च 2017 (मोहाली)
  • 7 जून 2017 (मोहाली)
  • 17 जून 2018 (चंडीगढ़)
  • 8 जुलाई 2019 (पंचकूला)

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना