बजट 2020 / पिछले साल चंडीगढ़ को 4754 करोड़ मिले थे; इस बार 384.98 करोड़ रुपए ही ज्यादा मिले

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  • फाइनेंशियल ईयर 2020-2021 के लिए चंडीगढ़ के बजट में केंद्र सरकार ने मामूली बढ़ोतरी की है
  • यूटी ने 5659 करोड़ रुपए की डिमांड भेजी थी, इसके मुकाबले मिले 5139 करोड़ रुपए

दैनिक भास्कर

Feb 02, 2020, 06:49 AM IST

चंडीगढ़. फाइनेंशियल ईयर 2020-2021 के लिए यूटी चंडीगढ़ के बजट में बेहद मामूली बढ़ोतरी ही केंद्र सरकार ने मंजूर की है। चंडीगढ़ का बजट किस तरह से आगे बढ़ रहा है इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि पिछले साल यानि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जहां 5.35 फीसदी की बढ़ोतरी बजट में की गई थी वहीं, इस बार बढ़ोतरी 8.09 फीसदी ही है।

बजट में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को कैपिटल हेड में 494.14 करोड़ रुपए दिए हैं, जो कि मौजूदा वित्त वर्ष के मुकाबले सिर्फ 92.51 करोड़ रुपए ज्यादा है। क्योंकि फाइनेंशियल ईयर 2019-2020 के लिए चंडीगढ़ को इस हेड में कुल 401.63 करोड़ रुपए मिले थे। रेवेन्यू हेड में 4643.96 करोड़ मिले हैं जो कि मौजूदा वित्त वर्ष के मुकाबले 292.47 करोड़ ही ज्यादा हैं।

दोनों हेड में मिलाकर चंडीगढ़ को 5138.10 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से अगले साल के खर्चों के लिए मिला है। हालांकि, रिवाइज्ड बजट चंडीगढ़ को मौजूदा वित्त वर्ष में 115 करोड़ रुपए दिसंबर महीने में मंजूर किए थे। इसके चलते मौजूदा साल में कैपिटल हेड में चंडीगढ़ का कुल बजट 466.63 करोड़ रुपए किया गया है रेवेन्यू हेड में कुल 4402.36 करोड़ रुपए थे। 

फाइनेेंशियल क्रंच से जूझते नगर निगम को 50 करोड़ ज्यादा मिले: नगर निगम चंडीगढ़ फाइनेंशियल क्रंच के चलते पिछले साल कई काम नहीं कर पाया था, इस बार पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बजट दिया है। ये भी डिमांड से करीब 300 करोड़ कम है। निगम को बजट में 425 करोड़ दिए गए हैं। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष में एमसी को केंद्र से 375 करोड़ रुपए मिले थे।

ये मिलेगा इस बजट से चंडीगढ़ को नया

  • अर्बन डेवलपमेंट- दो नए सब वे बनेंगे। इनमें से एक सब वे पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजीआई यानि सेक्टर-12 और 14 के बीच बनेगा। दूसरा सब वे सेक्टर-43 और कजेहड़ी के बीच बनाया जाएगा। दो रेलवे क्राॅसिंग बनाई जाएगी। इसके अलावा खुड्डा लाहाैरा से सारंगपुर के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इन कामों पर 38 करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा। 
  • स्पोर्ट्स- बिलियर्ड्स एंड स्नूकर्स मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सेक्टर-42 पर ढ़ाई करोड़ रुपए खर्च होंगे। शूटिंग रेंज सेक्टर-25 पर 2 करोड़ रुपए और 10 करोड़ से एथलेटिक्स ट्रैक और बाकी काम होंगे।
  • स्कूल, हायर एजुकेशन- पांच सरकारी स्कूलों की एक्सटेंशन, सरकारी काॅलेजों में हाॅस्टल (गर्ल्स और ब्वाॅयज), कैंटीन ब्लाॅक बनाने पर करीब 30 करोड रुपए खर्च होंगे। 
  • हेल्थ- जीएमसीएच सेक्टर-32 में नया इमरजेंसी ब्लाॅक और एक स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनेगा। इसके अलावा बाकी हाॅस्पिटल्स को अपग्रेड करने पर 45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सेक्टर-48 में 30 से ज्यादा हाउसेज भी बनाए जाएंगे। 
  • ट्रांसपोर्ट- इलेक्ट्रिक बसें तो प्रोफिट शेयरिंग बेस पर खरीदी जाएंगी लेकिन इनके लिए इक्विपमेंट और रायपुर कलां में एक सर्टिफिकेशन सेंटर बनना है। मंजूरी मिल चुकी है। एक बस डिपो और बनेगा। साथ ही बसें खरीदने के लिए करीब 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 
  • पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट- कार पार्किंग बनेगी, इस पर 2.50 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सेक्टर-10 में जजों के तीन घर करीब तीन करोड़ रुपए से बनेंगे।
  • पुलिस- पुलिस कर्मियों के लिए टाइप-2 मकान धनास में बनेंगे। करीब 35 करोड़ और पुलिस स्टेशन, हाउसेज की रेनोवेशन पर 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 

डिमांड के अंगेस्ट 520.13 करोड़ रुपए लगा कट

पिछले साल यूटी चंडीगढ़ की डिमांड पर एनुअल बजट मंजूर करते समय 465 करोड़ रुपए का कट लगा था। इस बार केंद्र सरकार ने मांग के अंगेस्ट 520.13 करोड़ रुपए कम बजट मंजूर किया है। चंडीगढ़ की तरफ से अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए दोनों हेड में कुल 5658.23 करोड़ रुपए मांगे गए थे। इसमें से रेवेन्यू हेड में जहां 5068.12 करोड़ रुपए और कैपिटल हेड में करीब 610 करोड़ रुपए मांगे गए थे। इस तरह से रेवेन्यू हेड में डिमांड के अगेंस्ट 424.18 करोड़ रुपए का कट लगा है जबकि कैपिटल हेड में 115.86 करोड़ रुपए का कट केंद्र सरकार ने लगाया है।

बजट में कट का ये पड़ सकता है असर 

बजट में कट से कुछ प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ेगा। इसमें कुछ नई सड़कें जो बनाई जानी हैं उनका काम और कुछ हाॅस्टलों की एक्सपेंशन का काम प्रभावित होगा। इलेक्ट्रिसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का काम भी प्रभावित होगा। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के बजट में भी कट लगा है।

दरअसल, चंडीगढ़ के ज्यादातर काम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ही पूरे किए जा रहे हैं, इसके चलते बाकी हेड्स में ज्यादा बजट नहीं दिया गया है। पावर एंड रिन्यूअल एनर्जी के लिए पिछले साल के मुकाबले करीब 1.50 करोड़ रुपए कम दिए गए हैं। वुमन एंड चिल्ड्रन वेलफेयर के लिए किए जाने वाले काम प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि इस बार इसके लिए करीब दो करोड़ रुपए कम मिले हैं।

बजट में केंद्र की कंजूसी लेकिन कमाई में चंडीगढ़ पीछे नहीं, जितनी कमाई उतना ही मिला बजट  
केंद्र सरकार से चाहे बजट कम मिले, लेकिन कमाई में चंडीगढ़ पीछे नहीं है इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि मौजूदा वित्त वर्ष में जहां चंडीगढ़ का रेवेन्यू करीब 5192 करोड़ रुपए का है, वहीं बजट भी चंडीगढ़ को मिला 5138 करोड़ रुपए का। 

  • जीएसटी से मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक करीब 1100 करोड़ रुपए रेवेन्यू मिला है। 
  • स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन से 228 करोड़ रुपए। 
  • एक्साइज से 725 करोड़ रुपए। 
  • सेल टैक्स से करीब 700 करोड़ रुपए। 
  • व्हीकल्स पर टैक्स पर 254 करोड़ रुपए। 
  • टैक्स रेवेन्यू चंडीगढ़ का मौजूदा वित्त वर्ष का 3782 करोड़ रुपए का है। 
  • नाॅन टैक्स रेवेन्यू से 1410 करोड़ रुपए। 
  • यानि मौजूदा वित्त वर्ष में चंडीगढ़ का रेवेन्यू शेयर है 5192 करोड़ रुपए। 

पीजीआई ने बजट में मांगे थे 2150 करोड़ मिले 1551.53 करोड़
पीजीआई ने 2020-2021 के बजट में केंद्र से 2150 करोड़ रुपए मांगे थे, लेकिन बजट में 1551.53 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें पीजीआई ने सैलरी मद में 1300 करोड़ रुपए की मांग की थी। लेकिन इसमें मात्र 1076.53 करोड़ रुपए मिले हैं। सामान्य खर्च के लिए पीजीआई को 140 करोड़ रुपए मिले हैं। इस पैसे मिसलेनियस हेड्स में दवाएं, कंप्यूटर्स, फर्नीचर आदि की खरीद होगी। यहां चल रहे प्रोजेक्ट्स आदि के लिए 700 करोड़ रुपए की डिमांड की थी। मिले 325 करोड़। डायरेक्टर प्रो. जगत राम ने बताया कि जितना बजट मांगा गया था, बेशक उससे कम मिला है लेकिन मिड टर्म में 300 करोड़ और मिलेंगे। 

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