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समस्या / डॉ. हरिवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट फॉर डेंटल कॉलेज में 50% के करीब स्टाफ कम



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  • टीचर्स ही नहीं नॉन-टीचिंग स्टाफ भी है कम
  • रोजाना लगभग 450 मरीजों को डेंटल इंस्टीट्यूट अटेंड करता है

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 08:23 AM IST

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित डॉ. हरिवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट फॉर डेंटल साइंसेज में स्टाफ की भारी कमी है। टीचर्स की पोस्ट तो कम हैं ही नॉन-टीचिंग स्टाफ भी नहीं मिल रहा है। कॉलेज में जिन विभागों से चपरासियों की ट्रांसफर की गई है, वह भी वापस नहीं मिले हैं। जबकि एक स्टाफ जाने के 10 दिन के अंदर-अंदर रिप्लेसमेंट मिलनी चाहिए। इससे कॉलेज में अस्पताल का काम भी प्रभावित होता है। रोजाना लगभग 450 मरीजों को डेंटल इंस्टीट्यूट अटेंड करता है। 


डेंटल इंस्टीट्यूट में 9 डेंटल और 9 मेडिकल समेत 18 डिपार्टमेंट्स हैं। इसके अलावा करीब 19 लैबोरेट्रीज हैं। इसमें 50 परसेंट फैकल्टी अभी तक काॅन्ट्रैक्ट पर है। कोई नए टीचर  यहां पर परमानेंट पोस्ट पर आना भी नहीं चाहते क्योंकि डेंटल इंस्टीट्यूट में अभी तक कोई प्रमोशन पॉलिसी नहीं है।

 

प्रमोशन के लिए तीन बार पॉलिसी बनी लेकिन किसी ना किसी कारणवश लागू नहीं हुई। इंस्टीट्यूट में छह प्रोफेसर हैं और वह सीधे प्रोफेसर पद पर ही आए थे। उसके बाद किसी को तरक्की नहीं मिली। यही नहीं नॉन-टीचिंग स्टाफ की हालत तो और भी खराब है। नॉन-टीचिंग स्टाफ में 50 फीसदी से भी कम स्टाफ है। इंस्टीट्यूट के एक स्टाफ मेंबर ने बताया कि कई डिपार्टमेंट्स में तो अटेंडेंट भी नहीं है। 
 

इस बारे में कई बार रजिस्ट्रार काे लिख चुके हैं। टीचिंग स्टाफ के लिए भी यूनिवर्सिटी प्रशासन को लिख दिया गया है। 
-प्रो. जगत भूषण, चेयरपर्सन कम डायरेक्टर

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