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सरकारी अस्पतालों में तैनात एमबीबीएस डॉक्टरों का बनेगा अलग काडर, वेतनमान होगा 70 हजार तक

एक वर्ष पहले
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प्रतीकात्मक, तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक, तस्वीर।
  • राज्य के सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के वेतनमान का एक अलग काडर बनाने की तैयारी हो रही है
  • इस नए काडर को बनाने की इस लिए जरूरत महसूस हुई क्योंकि नई भर्ती में डॉक्टर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे

चंडीगढ़. राज्य के सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के वेतनमान का एक अलग काडर बनाने की तैयारी हो रही है। काडर बनने के बाद भर्ती होने वाले  नए डॉक्टरों और सरकारी अस्पतालों सेवारत डाॅक्टरों को फायदा होगा। विभाग को इस नए काडर को बनाने की इस लिए जरूरत महसूस हुई क्योंकि नई भर्ती में डॉक्टर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। बाद विभाग के सामने यह बात आई कि एमबीबीएस डॉक्टरों को निजी अस्पतालों में सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा ज्यादा वेतन मिलता है। इसलिए डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करना चाह रहे हैं।


बता दें नया काडर लागू होने के बाद सरकारी अस्पतालों में तैनात एमबीबीएस और नए भर्ती होने वाले डॉक्टरों का वेतनमान 65 से 70 हजार रुपए तक का रखा जाएगा। हालांकि कुछ समय पहले भी विभाग ने डॉक्टरों के वेतनमान को बढ़ाने को लेकर एक फैसला लिया था। लेकिन इसके बाद भी निजी अस्पतालों की अपेक्षा सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का वेतन कम ही था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे सूबों हरियाणा और चंडीगढ़ में डॉक्टरों को मिलने वाले वेतनमान का अध्ययन किया है। जिसके बाद विभाग ने इस बारे में फैसला लिया है।
इस फैसले को लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों की अपने विभाग के मंत्री के साथ कई बैठकें भी हुई हैं।  स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बारे में एक प्रस्ताव बनाकर वित्त विभाग को भेजा गया है। जिसमें वित्त विभाग को यह भी बताया गया है कि कम वेतनमान होने की वजह से एमबीबीएस डॉक्टर सरकार की भर्ती में अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाते है। जिसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।

अगले वित्त वर्ष से लागू होंगे नए वेतनमान
एमबीबीएस डॉक्टरों के वेतनमान के लिए नए काडर बनाए जाने को वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद इस नए काडर को वित्त वर्ष 2020-21 से लागू किए जाएगा। अभी वित्त विभाग को इस बात का भी अनुमान भी लगाना है कि इस नए काडर के बनने के बाद सरकारी खजाने पर कितने करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

4400 स्पेशलिस्ट एवं एमबीबीएस डॉक्टर हैं
स्वास्थ्य विभाग में कुल 4 हजार 400 डॉक्टर तैनात हैं। जिनमें से 1900 स्पेशलिस्ट एवं 2हजार 500 एमबीबीएस डॉक्टर हैं। इसके अलावा पंचायत विभाग के अधीन आने वाले 1186 डॉक्टर हैं। एक डॉक्टर की बेसिक पे लगभग 21 हजार रुपए है जोकि अन्य भत्ते एवं अन्य फंड्स मिला कर लगभग 60 हजार रुपए बनती है। हरियाणा में भी एमबीबीएस डॉक्टरों का वेतनमान 65 हजार से अधिक है। 

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