पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chandigarh
  • More Than 250 Extension Lecturers Protested At Panchkula Chandigarh Border, Road For Public Closed For 2 Hours.

250 से ज्यादा एक्सटेंशन लेक्चरर्स का पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर प्रोटेस्ट, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एक्सटेंशन लेक्चरर्स पर वॉटर कैनन चलाती पुलिस
  • चंडीगढ़ आने-जाने वाले लोगों से लेकर एंबुलेंस तक के लिए रूट किया डायवर्ट, पैदल जाने वालों को भी रोका
  • पंचकूला पुलिस पीछे हटी तो चंडीगढ़ पुलिस ने लेक्चरर्स को रोकने के लिए चलाया वाटर कैनन, फिर किया लाठीचार्ज

पंचकूला (संदीप कौशिक). गुरुवार दोपहर 250 के करीब एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने प्रोटेस्ट किया। इस दौरान 2 घंटे तक पंचकूल-चंडीगढ़ बॉर्डर का इलाका बंद रखा गया। प्रोटेस्ट दोपहर ढाई बजे शुरू हुआ। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने करीब शाम 4 बजे वॉटर केनन और लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। 


इस वजह से करीब आधा दर्जन से ज्यादा एक्सटेंशन लेक्चरर्स घायल हो गए। एक्सटेंशन लेक्चरर्स और चंडीगढ़ पुलिस की महिला सिपाहियों के बीच भी धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। 

सेक्टर 17/18 राउंड अबाउट से चंडीगढ़ जाने वाले रूट किए डायवर्ट
एक्सटेंशन लेक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन धरना स्थल से चंडीगढ़ की ओर से निकले थे। इसके बाद जैसे ही लेक्चरर्स सेक्टर 17/18 राउंड अबाउट पहुंचे तो यहां बैरीकेड्स लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद किसी भी आम नागरिक को इस राउंड अबाउट से हाउसिंग बोर्ड चौंक तक नहीं जाने दिया गया। पब्लिक के लिए इस रूट को डायवर्ट कर दिया गया था, जिसके बाद चंडीगढ़ रैफर होने वाले मरीजों को भी दूसरे रूट से ले जाया गया।

पंचकूला पुलिस साइड खडी होकर देखती रही चंडीगढ़ पुलिस का लाठी चार्ज
सेक्टर 17/18 राउंड अबाउट से लेक्चरर्स को बिना रोके पंचकूला पुलिस ने इन्हें चंडीगढ़ बॉर्डर तक आने दिया। इसके बाद काफी देर तक लेक्चरर्स यहीं बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पहले यहां प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। जब यहां पर नायब तहसीलदार ईश्वर को बुलाया गया तब लेक्चरर्स से बात भी की गई। इसके बाद जब लेक्चरर्स चंडीगढ़ में एंटर करने लगे तो चंडीगढ़ पुलिस ने ही पहले वाटर कैनन चलाया और उसके बाद लाठी जार्च कर दिया। इस बीच जब चंडीगढ़ पुलिस को पंचकूला पुलिस नहीं दिखी तो डीएसपी चंडीगढ़ खुद एसीपी पंचकूला के पास गए और अपने मुलाजिमों को आगे आने के लिए कहा।

न गिरफ्तारी के लिए बस और न घायलों के लिए एंबुलेंस का बंदोबस्त 
जब लेक्चरर्स प्रोटेस्ट कर रहे थे तो यहां पर ना तो पुलिस की ओर से लेक्चरर्स को गिरफ्तार करने के लिए रोडवेज की बस थी। जबकि, लाठीचार्ज या वाटर कैनन से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए भी कोई एंबुलेंस का प्रबंध नहीं किया गया था। जब टीचर आगे बढ़ने लगे उसके बाद जाकर पहले यहां पर आनन फानन में रोडवेज की बस बुलाई गई और उसी वक्त एक एंबुलेंस भी बुलाई गई।