पंजाब / विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू, पहले दिन निवर्तमान मंत्री सिद्धू समेत कई विधायक रहे नदारद



विधानसभा सत्र के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन धारण किए हुए सीएम कैप्टन और अन्य नेता। विधानसभा सत्र के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन धारण किए हुए सीएम कैप्टन और अन्य नेता।
Navjot Singh Sidhu, Prakash Badal and other MLAs not reached in Assembly session
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विधानसभा सत्र के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन धारण किए हुए सीएम कैप्टन और अन्य नेता।विधानसभा सत्र के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन धारण किए हुए सीएम कैप्टन और अन्य नेता।
Navjot Singh Sidhu, Prakash Badal and other MLAs not reached in Assembly session

  • सत्र के पहले दिन आज दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सहित 18 दिवंगत आत्माओंं को श्रद्धांजलि दी सदन ने
  • सिद्धू के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, सुखपाल खैहरा रहे अनुपस्थित
  • अगले दो दिन की कार्यवाही में जेल में नशे और कानून-व्यवस्था के मसले पर सरकार को घेरने की तैयारी में है विपक्ष

Dainik Bhaskar

Aug 02, 2019, 06:06 PM IST

जालंधर/चंडीगढ. तीन दिन चलने वाला पंजाब विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया है। आज पहले दिन हाल ही में मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू सत्र का हिस्सा नहीं बने, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, सुखपाल खैहरा भी अनुपस्थित रहे। सत्र के पहले दिन आज सदन ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सहित 18 दिवंगत आत्माओंं को श्रद्धांजलि दी। अब आगे की कार्यवाही में विपक्ष अपना पूरा दम दिखाने के लिए तैयार है। विपक्ष के निशाने पर मुख्य रूप से जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा होंगे। जेल मंत्री के जरिये ही विपक्ष ड्रग्स और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर सकता है।

 

विधानसभा में विपक्ष की रणनीति से कांग्रेस सचेत है। कांग्रेस भी मान रही है कि विपक्ष जेल के मुद्दे पर हावी होने की कोशिश कर सकता है। कांग्रेस के लिए राहत वाली बात यह है कि आम आदमी पार्टी बिखरी हुई है और अकाली दल और भाजपा का संख्याबल कम हो चुका है। ऐसे में सत्ता पक्ष के लिए विपक्ष ज्यादा परेशानी नहीं खड़ा कर सकता। विधानसभा के छोटे सत्र को बढ़ाने को लेकर आम आदमी पार्टी और अकाली दल पहले ही स्पीकर राणा केपी को अपना मांग पत्र सौंप चुके हैैं। विपक्ष भलीभांति जानता है कि सरकार किसी भी सूरत में सत्र का समय नहीं बढ़ाएगी। ऐसे में विपक्ष ने तय समय में ही सरकार को घेरने का फैसला किया हुआ है। विपक्ष ड्रग्स, कानून व्यवस्था और जेलों में हुई घटनाओं को विशेष तवज्जो दे रहा है। विपक्ष का मानना है कि अकेले जेल की घटनाओं का मुद्दा उठाने से ड्रग्स और कानून व्यवस्था के तार आपस में जुड़ जाएंगे।

 

नाभा जेल में डेरा प्रेमी की मौत, उसके बाद बेअदबी कांड में सीबीआइ की क्लोजर रिपोर्ट, अमृतसर में 532 किलो हेरोइन मामले में पकड़े गए नमक कारोबारी गुरपिंदर सिंह की मौत मामला और लुधियाना जेल में कैदियों का हंगामा सभी एक साथ जुड़े हुए मामले हैं। जिसमें सरकार की विफलता खुल कर सामने आई थी। इन मामलों को लेकर अकाली दल और आप पहले ही जेल मंत्री पर आक्रामक रहे थे। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने तो सुखजिंदर रंधावा के इस्तीफे के अलावा उनके खिलाफ कार्रवाई तक की मांग की थी। ऐसे में विपक्ष के निशाने पर रंधावा का आना तय माना जा रहा है जो सरकार के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकता है।

 

फतेहवीर सिंह का नाम भी किया गया शामिल

विधानसभा सत्र में शुक्रवार को सदन ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सहित 18 दिवंगत आत्माओंं को श्रद्धांजलि दी। इनमें राज्यसभा के पूर्व सदस्य वरिंदर सिंह कटारिया, किकर सिंह, हमीर सिंह, चौधरी नंद लाल, कामरेड बलवंत सिंह, स्नेह लता, परमजीत सिंह, करनैल सिंह, गुरमेज सिंह, कुलवंत सिंह, ईशर सिंह, उजागर सिंह, जंगीर सिंह, सांता सिंह, बाबा लाभ सिंह, सुनाम ने बोरवेल में गिरेे फतेहवीर और लखवीर सिंह के नाम थे। फतेहवीर का नाम परमिंदर सिंह ढींडसा, अमन अरोड़ा और सिमरजीत सिंह बैंस केे कहने पर शामिल किया गया।

 

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