चंडीगढ़ / चिंता खत्म: एप के जरिए मिल जाएंगे प्रोजेक्ट्स और जॉब



अविंदर पाल और देविंदर सिंह वोहरा अविंदर पाल और देविंदर सिंह वोहरा
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अविंदर पाल और देविंदर सिंह वोहराअविंदर पाल और देविंदर सिंह वोहरा

  • इनोवेशन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के स्टूडेंट्स ने की शुरुआत, वेबसाइट भी करेंगे लांच

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2019, 11:49 AM IST

चंडीगढ़. इंजीनियरिंग का एक प्रोजेक्ट करना चाहते हैं। कंपनी में प्रोजेक्ट सब्मिट किया, लेकिन इनकार हो गया। उनकी जरूरत कुछ और थी और सर्विस ऑफर करने वाले की कुछ और।

 

ऐसी ही परिस्थतियों से निपटने के लिए यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के दो स्टूडेंट्स ने शुरू किया है एक स्टार्टअप। इस स्टार्टअप में उनको आईआईएम बेंगलुुरु से भी मदद मिल रही है।


यूआईईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ने थर्ड ईयर के स्टूडेंट्स देविंदर सिंह वोहरा और यूआईईटी से ही अविंदर पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने लगभग 10 अलग-अलग कंपीटिशन में पार्टिसिपेट किया और लगभग हर बार वह जीते।

 

इसमें उनके इंस्टीट्यूट का उद्यमी भी शामिल है। इसी दौरान उन्होंने अपने कई साथियों को देखा तो प्रोजेक्ट्स कंपनियों को सब्मिट करते थे। लेकिन रिजेक्शन होता।

 

जब रिजेक्शन हो जाता तो उस कंपनी को स्टूडेंट्स की कोई दूसरी टीम अप्लाई नहीं करती थी। स्टूडेंट्स भी डिसकरज होते हैं। इसलिए उन्होंने एक सॉल्यूशन दिया है।

 

इसमें उन्होंने एक एप्लीकेशन दी है जिसमें स्टूडेंट्स जिन प्रोजेक्ट्स में इन्वॉल्व रहे हैं, वो उसकी जानकारी अपलोड कर सकते हैं। हर इंस्टीट्यूट में उन्होंने एक कॉलेज इंचार्ज काे नियुक्त कर दिया है जो इस जानकारी को चैक करने के बाद अप्रूव करेगा।

 

इसके अलावा इसी पर कंपनियों को एक मंच दिया है। कंपनी अपनी जरूरत अनुसार प्राॅब्लम बताएगी। प्रॉब्लम को देख कर स्टूडेंट्स उसका हल निकाल सकता है। इसके अलावा कंपनी भी अपनी जरूरत बता सकती है।

 

सॉफ्टवेयर कैटेगरी चुनने के बाद आगे एंड्रॉयड डवलपर लिख देंगे तो सब हो जाएगा। ऐसे ही प्रोजेक्ट्स समेत फोटोग्राफी आदि अलग-अलग डिपार्टमेंट है। यूआईईटी, यूआईसीईटी, सीसीईटी और यूआईईटी होशियारपुर में उन्होंने एक-एक कॉलेज इंचार्ज लगाया है।

 

इसी कॉलेज इन चार से स्टूडेंट संपर्क कर सकते हैं। स्टूडेंट के अपने पास एप रहेगा लेकिन एप पर स्टूडेंट्स द्वारा डाली जानकारी को कॉलेज इंचार्ज पहले वेरिफाई करेगा और उसके बाद ही यह जानकारी किसी कंपनी के साथ शेयर की जाएगी।

 

इस समय स्टार्टअप के साथ चार कंपनियां हैं और उनका टारगेट इस साल 30 कंपनियों, इंस्टिट्यूट और स्टार्टअप को अपने साथ जोड़ना है। इसके लिए उनकी बातचीत चल रही है। आईआईएम बेंगलुरु के लगभग 200 शॉर्टलिस्टेड स्टार्टअप में उनका स्टार्टअप भी शामिल है।

 

अब आगे परफॉर्मेंस के आधार पर वह इनक्यूबेशन सेंटर के लिए भी पिचिंग करेंगे। उल्लेखनीय है कि बिजनेस मैनेजमेंट स्कूल और इंजीनियरिंग व प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट मैं इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप को न सिर्फ गाइड करते हैं बल्कि फाइनेंस उपलब्ध कराने में भी मदद करते हैं।

 

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