पहल / 25 हजार करोड़ इन्वेस्ट करके पंजाब से पराली जलाने की समस्या खत्म करने को तैयार एनआरआई



मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के साथ डॉ. चिरणजीत कथूरिया(दाएं) मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के साथ डॉ. चिरणजीत कथूरिया(दाएं)
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मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के साथ डॉ. चिरणजीत कथूरिया(दाएं)मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के साथ डॉ. चिरणजीत कथूरिया(दाएं)

  • पूरे पंजाब में 4000 मेगावॉट के पावर प्रोजेक्ट लगाएंगे डॉ. कथूरिया, लोगों से खरीदेंगे पराली
  • डॉ. कथूरिया अपने स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट़्स को लेकर पहले ही काफी चर्चा में रहे हैं

Dainik Bhaskar

Nov 08, 2019, 06:07 AM IST

चंडीगढ़ (शायदा). अमेरिकासे दिल्ली होते हुए चंडीगढ़ पहुंचे एनआरआई डॉ. चिरणजीत कथूरिया खराब हवा को और खराब करने वाली स्टबल बर्निंग यानी पराली के जलाने की समस्या को हल करना चाहते हैं।

 

गुरुवार को उन्होंने इस बारे में जानकारी दी। उनके साथ पंजाब के रेवेन्यू मिनिस्टर गुरप्रीत सिंह कांगड़ भी मौजूद थे। दरअसल, कांगड़ ने गुरशेर सिंह और उनकी टीम के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट के सफल होने के हर आयाम को जांचा और तब जाकर बात आगे बढ़ाई। डॉ. कथूरिया अपने स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट़्स को लेकर पहले ही काफी चर्चा में रहे हैं। 2014 में वे अमेरिकी सीनेट में अपनी दावेदारी भी ठोंक चुके हैं। उन्होंने बताया- अपनी कंपनी न्यू जेनरेशन पावर इंटरनेशनल पूरे पंजाब में 4000 मेगावॉट के पावर प्रोजेक्ट लगाएगी।

 

इसमें से 3000 मेगावॉट सोलर एनर्जी का होगा और 1000 बायोमास का। हम लोग किसानाें से खरीदी हुई पराली का इस्तेमाल करेंगे। इससे पर्यावरण को साफ रखने में मदद मिलेगी और पावर की समस्या को हल कर सकेंगे। डॉ. कथूरिया अब इस मामले में पंजाब सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं ताकि सारी बातें एग्रीमेंट का रूप लेकर आगे बढ़ें और समस्या का समाधान हो सके। ऐसी बहुत सारी योजनाएं आती हैं और घोषणा के बाद उनका कहीं पता नहीं चलता? इसके जवाब में डॉ. कथूरिया ने कहा-हमने इस प्रोजेक्ट के सारे एंगल जांच लिए हैं और ये पूरी तरह प्रैक्टिकल हो सकने लायक है। इसमें किसी सेकेंड थाॅट की गुंजाइश नहीं। 


बाबा नानक और पर्यावरण : बाबा नानक ने कहा था-पवन गुरु, पानी पिता, माता धरती महत। उन्होंने सैकड़ों साल पहले पर्यावरण के महत्व को समझा। लेकिन आज का इंसान इसे नहीं समझ रहा और इसीलिए उसे जहरीली हवा में सांस लेना पड़ रहा है। डॉ. कथूरिया ने कहा कि गुरुनानक के 550वें प्रकाश पर्व पर हम पर्यावरण को बचाने के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू करना 
चाहते हैं।
 

प्रोजेक्ट वर्क

  • बायो मास पावर जैनरेट करने के लिए 5 मेगवॉट के छोटे प्लांट लगाए जाएंगे। 
  • पूरे पंजाब में सब स्टेशंस के पास ऐसे 200 प्लांट लगेंगे। 
  • एक प्लांट 10-15 गांव की पराली इस्तेमाल कर लेगा। 

सब्सिडी का हल

कांगड़ के अनुसार पंजाब में 10 से 12 हजार करोड़ की बिजली सब्सिडी के रूप में दी जा रही है जो कुल प्लान बजट का लगभग 10% बैठता है। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में अपनी बिजली होगी तो ये सब्सिडी का घाटा कम हो सकेगा। 

 

लागत 

  • प्राेजेक्ट पर कुल 25 हजार करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। 
  • प्रोजेक्ट बीओटी यानी बिल्ट आॅपरेट एंड ट्रांसफर बेसिस पर पूरा किया जाएगा। 
  • इसके जरिए 15 साल के अरसे में 
  • पंजाब की सब्सिडी मात्र 500 करोड़ रह जाएगी।

रोजगार

 प्रोजेक्ट्स के लगने से स्किल्ड और नॉन स्किल्ड लोगों के अलावा आंत्रप्रिन्योर को भी काम के माैके मिलेंगे। 

 

पावर जैनरेशन

  • जो पावर जैनरेट होगी उसे डायरेक्ट मेन ग्रिड में भेजा जाएगा
  • इससे पंजाब बिजली बोर्ड को अतिरिक्त पावर का फायदा मिलेगा। 
  • सब्सिडी का घाटा किसी हद तक पूरा किया जा सकेगा
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