सुविधा / डीएल के सभी कामों के लिए अब एक फाॅर्म, नहीं होगी कोई दिक्कत

रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथाॅरिटी चंडीगढ़ (फाइल फोटो) रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथाॅरिटी चंडीगढ़ (फाइल फोटो)
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रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथाॅरिटी चंडीगढ़ (फाइल फोटो)रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथाॅरिटी चंडीगढ़ (फाइल फोटो)

  • 40 साल के बाद रिन्यूअल करवाने पर मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होगी
  • ड्राइविंग लाइसेंस के एक्सपायर होने के बाद मिलेगा सिर्फ 1 साल का ग्रेस पीरियड

दैनिक भास्कर

Sep 16, 2019, 01:41 PM IST

चंडीगढ़. लोगों को रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथाॅरिटी(आरएलए) में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए लाइसेंस से संबधित अलग-अलग सर्विसेज के लिए एक ही फाॅर्म शुरू किया गया है। अभी तक अलग-अलग काम जैसे लर्नर लाइसेंस, रिन्यूअल और इसी तरह के बाकी काम के लिए अलग-अलग फाॅर्म भरने की जरूरत रहती थी जिसको खत्म कर फाॅर्म नंबर-2 को शुरू किया गया है।


इसके साथ ही यूटी चंडीगढ़ में लोगों को लर्नर लाइसेंस बनवाते वक्त मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि इसकी जगह सिर्फ सेल्फ डेक्लेरेशन फाॅर्म ही देना होगा। हांलाकि ये सुविधा लोगों को नाॅन ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में बनवाए गए लाइसेंस के लिए ही होगी। वहीं ट्रांसपोर्ट कैटेगरी के लिए पहले की तरह ही डाॅक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेशन जरूरी रहेगी।

 

रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथाॅरिटी में लोगों को परेशानी न हो इसके लिए कई बदलाव जरूरी डाॅक्यूमेंट्स को लेकर भी किए गए हैं। दरअसल अभी तक लर्नर लाइसेंस, परमानेंट लाइसेंस, लाइसेंस में कोई चेंजेज करने जैसे चेंज आॅफ एड्रेस और नाम, लाइसेंस में न्यू क्लास आॅफ व्हीकल और ड्राइविंग लाइसेंस की रिन्यूअल के लिए अलग अलग डाॅक्यूमेंट्स या फाॅर्म भरने पड़ते थे।

 

लेकिन अब आरएलए ने इन सभी सर्विसेज के लिए एक आसान फाॅरमेट में फाॅर्म नंबर-2 तैयार किया गया है। इस फाॅर्म को भरने पर ही आप ये काम आरएलए में करवा सकते हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट में भी ये फाॅर्म अब उपलब्ध करवा दिया गया है। लर्नर लाइसेंस के लिए एक डेक्लेरेशन फाॅर्म नंबर-1 आपको जरूर साथ में देना होगा। हांलाकि ड्राइविंग लाइसेंस की रिन्यूअल के वक्त या फिर कोई 40 साल के बाद लाइसेंस के लिए एप्लाई करता है तो उसमें मेडिकल सर्टिफिकेट जो डाॅक्टर देगा उसकी जरूरत होगी।

 

एक और बड़ा बदलाव ये किया गया है कि अगर आपके ड्राइविंग लाइसेंस का टाइम(एक्सपायरी डेट) खत्म हो गया है तो आपको सिर्फ एक साल का ही ग्रेस पीरियड मिलेगा। इसका मतलब ये कि लाइसेंस का टाइम खत्म होने के बाद अगर आप एक साल में इसकी रिन्यूअल के लिए पहुंचते हैं तो फीस वगैरह जमा करवा कर रिन्यूअल हो जाएगी। लेकिन एक साल पूरा होने के बाद जब रिन्यूअल के लिए जाते हैं तो आपको फीस वगैरह तो भरनी होगी साथ ही आपको चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में दोबारा से गाड़ी चलाकर टेस्ट देना होगा।

 

टेस्ट में पास होते हैं तो ही लाइसेंस की रिन्यूअल होगी। अभी तक ये ग्रेस पीरियड पांच साल का था। यानि पांच साल पूरा होने के बाद टेस्ट का प्रोविजन रहता था। इसके साथ ही एक और सुविधा लोगों को ये लाइसेंस रिन्यूअल में दी गई है कि अगर उनका लाइसेंस की आखिरी तारीख एक साल बाद है तो वे एक साल पहले ही रिन्यूअल करवा सकते हैं। जबकि अभी तक 28 दिन पहले तक ही रिन्यूअल के लिए आप जा सकते थे।


8वीं पास की कंडीशन भी खत्म: अभी तक ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में लाइसेंस बनाने के लिए एजूकेशनल क्वालिफिकेशन के लिए सर्टिफिकेट लगाना जरूरी होता था। इसमें कम से कम आठवीं पास का सर्टिफिकेट लगाने के बाद ही ये लाइसेंस बनता था। लेकिन अब केंद्र सरकार के नियमों के तहत इस कैटेगरी में लाइसेंस बनाने के लिए भी एजूकेशनल क्वालिफिकेशन को खत्म कर दिया गया है और कोई भी लाइसेंस के लिए एप्लाई कर सकता है जिसके साथ ये आठवीं पास होने का सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं होगी।

 

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