चंडीगढ़ / हेल्थ प्रमोटिंग रैंकिंग में सिर्फ तीन स्कूल; शहर के 206 स्कूल में हुई थी रिसर्च

Out of researched 206 schools, only 3 got health promoting rank.
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Out of researched 206 schools, only 3 got health promoting rank.

  • पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने जारी की लिस्ट

Jul 13, 2019, 02:51 PM IST

चंडीगढ़. पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों की हेल्थ प्रमोटिंग एक्रिडिटेशन रैंकिंग की लिस्ट शुक्रवार को जारी की। इसमें शहर में 206 स्कूलों में मात्र तीन प्राइवेट स्कूल प्लेटिनम कैटेगरी में आए हैं।

 

इसके लिए स्कूलों के प्रिंसिपल्स सम्मानित किए गए। इनमें सेंट जोन स्कूल सेक्टर 26, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल व आरआईएमटी स्कूल मनीमाजरा शामिल हैं। इसमें गवर्नमेंट स्कूल पीछे हैं। देश में इस प्रकार की रैंकिंग को पहली बार प्रयोग किया गया है।

 

इससे राजकीय व प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधनों को स्कूलों में हेल्थ प्रमोशन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया। रिसर्च वर्क सितंबर 2016 में शुरू हुआ था और इसमें डॉक्टर्स की टीम ने पीजीआई के स्कूल आॅफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रो. जेएस ठाकुर के नेतृत्व में रिसर्च को अंजाम दिया।

 

अब स्कूल हेल्थ एक्रिडिटेशन प्रोजेक्ट की रिपोर्ट सेक्रेटरी एजुकेशन बीएल शर्मा ने पीजीआई के डीन रिसर्च प्रो.अरविंद राजवंशी, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डाॅ. जी दीवान व प्रो. जेएस ठाकुर की मौजूदगी में सेक्टर-11 सरकारी स्कूल में रिलीज की।

 

पीजीआई की ओर से शहर के स्कूलों की हेल्थ एक्रिडिटेशन रैंकिंग में 82 फीसदी स्कूलों की ब्राउंज लेवल एसेसमेंट में बेसलाइन से नीचे पाए गए हैं। आईसीएमआर की एनसीडी डिवीजन की वैज्ञानिक डा. मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि स्कूलों में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज बढ़ रही हैं। जिसे कम करने के लिए स्कूलों में स्टूडेंट्स बचाव के तरीकों के बारे में अवेयर करने की जरूरत है।

 

सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम पर इस रैंकिंग में विशेष बल दिया गया है। इनोवेटिव आइडिया प्रतियोगिता में तीन स्कूलों के स्टूडेंट्स ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया इनमें बाल निकेतन, सेंट जोसफ व गवर्नमेंट स्कूल और पीजीआई कैंपस रहा।


प्रो. जेएस ठाकुर ने सभी प्रिंसिपलों व एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों को बताया कि किन पहलुओं को ध्यान में रखकर स्कूलों की हेल्थ एक्रिडिटेशन रैंकिंग की गई है। उन्होंने बताया कि शहर में 2016-17 में प्लेटिनम कैटेगरी में कोई स्कूल नहीं था, लेकिन डिपार्टमेंट के प्रयासों के बाद वर्ष 2017-18 में तीन प्राइवेट स्कूल इस कैटेगरी में आए हैं।

 

वहीं गोल्ड लेवल में स्कूलों इन 8 बिंदुओं पर सुधार वर्ष 2016 में 0.5 फीसदी था जो 2018 में 39 फीसदी हुआ। सिल्वर लेवल में स्कूलों में सुधार 5 से 30 फीसदी हुआ। ब्राउन लेवल पर 24 से 33 फीसदी सुधार हुआ। स्कूलों में हेल्थ प्रमोशन की इंटरवेंशन करने के बाद प्राइवेट स्कूलों की तुलना में गवर्नमेंट स्कूलों में काफी सुधार देखने को मिला।

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