स्मृति शेष / पद्मश्री वैज्ञानिक चंद्रमोहन ने स्वराज के नाम से देश का पहला एग्रीकल्चर ट्रैक्टर बनाया था

स्वर्गीय पद्मश्री चंद्रमोहन(फाइल फोटो) स्वर्गीय पद्मश्री चंद्रमोहन(फाइल फोटो)
X
स्वर्गीय पद्मश्री चंद्रमोहन(फाइल फोटो)स्वर्गीय पद्मश्री चंद्रमोहन(फाइल फोटो)

  • उनके निधन पर उनके मित्र और वैज्ञानिक डॉ. वाईएस राजन ने उन्हें श्रद्धांजलि दी
  • बोले, हमने ग्रेट आंत्रप्रिन्योर, ग्रेट इनोवेटर और टेक्नोलॉजिस्ट को खोया

Dainik Bhaskar

Dec 26, 2019, 11:56 AM IST

चंडीगढ़. एक वैज्ञानिक और मित्र के तौर पर चंद्रमोहन को निकट से देखने और जानने वाले डॉ. वाईएस राजन ने शेयर किया उनके साथ बिताया समय। साथ ही याद किया उन दिनों को जब वे पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बनकर पंजाब आए।

वह बोले, मैंने एक जिंदादिल दोस्त को तो खोया ही, देश ने एक बेहतरीन आंत्रप्रिन्योर, टेक्नोलॉजिस्ट और देश के लिए बहुत कुछ कर गुजरने इंसान को खोया है। उनकी कमी हमेशा महसूस की जाती रहेगी। उनके जाने से जो सबसे बड़ा नुकसान हुआ है वह है ग्रेट आंत्रप्रिन्योर, ग्रेट इनवोटेर और टेक्नोलॉजिस्ट का जाना। एक ही इंसान में ये सब चीजें हमेशा नहीं मिलतीं। उन्होंने अपने जीवन में कम से कम 200 लोगों को तो आंत्रप्रिन्योर बनाया ही होगा। स्वराज जैसी इनोवेशन से लेकर पीटीएल और फिर एजुकेशन के क्षेत्र में काम करना। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

देश का पहला स्वराज ट्रैक्टर बनाया था

चंद्रमोहन का जन्म फिरोजपुर में हुआ। स्कूलिंग लाहौर में और इंजीनियरिंग के लिए वे रुड़की गए। पहली नौकरी जमेशदपुर में की। इसके बाद रेलवे में कुछ समय काम किया। 1965 में दुर्गापुर सीएमईआरआई में नियुक्ति मिली। 70 के दशक में उनके जीवन ने नया मोड़ लिया। उन्होंने स्वराज के नाम से देश का पहला एग्रीकल्चर ट्रैक्टर बनाया।


इलेक्ट्रिक क्रिमेटोरियम से हुआ अंतिम संस्कार

आज सुबह साढ़े 11 बजे उनका संस्कार हो गया। इससे पहले 11 बजे सेक्टर-36 स्थित उनके घर, हाउस नंबर 202 से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। सेक्टर-25 में इलेक्ट्रिक क्रिमेटोरियम से उनका अंतिम संस्कार किया गया।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना