सोनीपत / चौथी बार पैरा ओलिंपिक कमेटी निलंबित, टोक्याे का चांस हो सकता है मिस



Paralympic Committee suspended for the fourth time
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Paralympic Committee suspended for the fourth time

  • 23-24 सितंबर को है इंडियन ओपन पैरालिंपिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, जिसमें ओलिंपिक कोटा भी
  • ओलिंपियन खिलाड़ी बोले- कमेटी को बनाया राजनीति का अखाड़ा

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 06:15 AM IST

सोनीपत (अनिल बंसल). शिकायत शुक्रवार को, शनिवार व रविवार को अवकाश और सोमवार को सीधा एक्शन। खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय पैरालिंपिक कमेटी निलंबित की गई है। महज एक कार्य दिवस में वह सबकुछ हो गया, जिसकी अपेक्षा खिलाड़ी व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हुए सपने में सोच भी नहीं सकता। यहां गजब की बात यह है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब इस संगठन पर खेल मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है, बल्कि यह लगातार चौथी बार है जब पैरालिंपिक  कमेटी को निलंबित किया गया है। इससे पहले 2011, 2012 व 2015 में भी खिलाड़ी वर्ग निलंबन के दर्द को झेल चुके हैं। 

 

बंगलुरू रजिस्ट्रार कार्यालय में शुक्रवार को दी थी शिकायत
पूर्व पेरा एथलीट एवं दिव्यांग के हितों को लेकर आवाज उठाने वाले प्रदीप राज ने खुलासा किया है कि राव इन्द्रजीत सिंह ने शुक्रवार को बंगलुरू रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत दी और सोमवार को इस पर एक्शन भी करवा लिया। खिलाड़ियों का कहना है कि जो दोषी है, उसे निलंबित किया जाए, लेकिन खिलाड़ियों का नुकसान नहीं हो इसका भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। 
 

इस आरोप पर निलंबित हुई है यह कमेटी
सोसाइटीज के जिला पंजीयक की जानकारी में लाए बगैर पीसीआई के उप नियमों में बदलाव किया जो कर्नाटक सोसाइटीज अधिनियम 1960 और नियम 1961 का उल्लंघन है। अपने चुने हुए अध्यक्ष को हटाकर उसने राष्ट्रीय खेल संहिता 2011 और अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है। पीसीआई ने अपने अध्यक्ष राव इंद्रजीत सिंह को बर्खास्त करने का फैसला किया था। पीसीआई ने 4 मई को आमसभा की बैठक में अपने उप नियमों के बदलाव करते हुए सरकारी सेवा से जुड़े लोगों को प्रतिबंधित कर दिया था।

 

खिलाड़ियों का नुकसान

खेल संगठन में पदाधिकारियों की आपसी राजनीति का अखाड़ा बनी पैरालिंपिक कमेटी में इस बार का यह निलंबन अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है, क्योंकि जल्द इंडियन ओपन पेरा ओलिंपिक गेम्स 24-25 सितंबर को होने प्रस्तावित है, जो संभव है, अब रद्द हो जाए। इससे बड़ा झटका फिर अंतरराष्ट्रीय पैरालिंपिक कमेटी से निलंबन की ओर से मिलना तय है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय ध्वज का प्रयोग होना तय नहीं तो अगर प्रतियोगिता में खिलाड़ी कोई मेडल जीतता है तो क्या उसे मान्यता मिलेगी यह भी तय नहीं। अगला साल ओलिंपिक इयर है, खिलाड़ियों की तैयारियां प्रभावित होंगी। 
 

ये बोले दिग्गज सितारे
 

 

राजनीति का शिकार हो रहे खिलाड़ी
अर्जुन अवाॅर्ड विजेता अमित सरोहा ने बताया कि 20 साल से पैरालिंपिक कमेटी की दोयम राजनीति का शिकार खिलाड़ी बन रहे हैं। प्रतियोगिता से पहले फेडरेशन को निलंबित करना गलता है। 

 

खिलाड़ी नहीं होने चाहिए प्रभावित
दीपा मलिक ने कहा कि मेरी केन्द्रीय खेल मंत्री से अपील है कि क्वालीफिकेशन मुकाबले नजदीक है। खिलाड़ियों की इंट्री पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगनी चाहिए। 

 

लालच के कारण हो रहा है ऐसा
पीसीसीएआई के महासचिव रवि चौहान ने कहा कि इसकी बड़ी वजह लालच है। सभी  अपना भला सोचते हैं। दूसरों का कोई नहीं। 

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