चंडीगढ़ / पीजी पालिसी को चुनौती, प्रशासन को नोटिस जारी; 15 स्टूडेंट पहुंचे हाईकोर्ट

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  • स्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट में दी याचिका में पीजी के लिए नई पॉलिसी बनाने की मांग की
  • कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन, डिप्टी कमिश्नर और एस्टेट आफिसर को नोटिस जारी

दैनिक भास्कर

Mar 18, 2020, 12:03 PM IST

चंडीगढ़. सेक्टर-32 के पीजी में आग लगने से तीन स्टूडेंट्स की मौत हो जाने के बाद चंडीगढ़ में चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई को 15 स्टूडेंट्स ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में पीजी के लिए नई पालिसी बनाए जाने की मांग की गई है। जस्टिस राजन गुप्ता और जस्टिस कर्मजीत सिंह की खंडपीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन, डिप्टी कमिश्नर और एस्टेट ऑफिसर को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। सेक्टर 10 में पीजी रहने वाले 15 स्टूडेंट्स की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि चंडीगढ़ प्रशासन को नई पीजी पालिसी बनाने के निर्देश दिए जाएं।

इसमें सभी हितों को देखा जाए। साथ ही उन लोगों के हितों की भी रक्षा की जाए जिन पर पीजी खाली करने का खतरा मंडरा रहा है। सेक्टर 32 के पीजी में 22 फरवरी को आग लगने से तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद चंडीगढ़ प्रशासन का रवैया बदल गया है। ऐसे में उनके जैसे दूसरे राज्यों से चंडीगढ़ में पढ़ने के लिए आए स्टूडेंट्स के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। याचिका में मांग की गई कि उन्हें कम से कम छह माह जून 2020 एकेडमिक सेशन तक उन्हें पीजी में रहने की अनुमति दी जाए अथवा नई पालिसी बनने तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। याचिका में कहा गया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने 2006 में पीजी के लिए पालिसी बनाई थी।

इस पॉलिसी के तहत चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में दो हजार से ज्यादा पीजी चल रहे हैं लेकिन 25 से भी कम ने खुद को रजिस्टर्ड कराया। सेक्टर 32 में आग लेने की घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसका असर उनके जैसे स्टूडेंट्स के भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में उनके जैसे स्टूडेंट्स को मौजूदा शैक्षिक सत्र के चलते पीजी में रहने की अनुमति दी जाए।

सेक्टर-22 में पांच मरला के घर में चल रहा था अवैध पीजी, एस्टेट ऑफिस ने किया सील

अभी भी चंडीगढ़ में अवैध तरीके से पेइंग गेस्ट चलाए जा रहे हैं। हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन की पाॅलिसी में साफतौर पर लिखा हुआ है कि 7.5 मरला या इससे ज्यादा बड़े घरों में ही लोग एस्टेट ऑफिस से मंजूरी लेकर पीजी चला सकते हैं। लेकिन, 5 मरला के घरों में भी पेइंग गेस्ट चलाए जा रहे हैं। डीसी की तरफ से बनाई गई टीम ने मंगलवार को सेक्टर-22 में इसी तरह के एक मकान को सील किया है। एन्फोर्समेंट विंग के स्टाफ ने यहां सेक्टर-22 स्थित मकान नंबर 1319 के उस हिस्से को सील किया है जिसमें पीजी चलाया जा रहा था। ये पांच मरला का मकान है और प्रशासन की पीजी को लेकर नोटिफाई पाॅलिसी के हिसाब से इस मकान में पीजी चलाया ही नहीं जा सकता है।

कार्रवाई से बचने के लिए रेंट एग्रीमेंट में हो रही गड़बड़ी

अवैध पेइंग गेस्ट पर कार्रवाई शुरू हुई तो लोगों ने इससे बचने का रास्ता भी निकाल लिया। कई लोगों ने पेइंग गेस्ट के साथ रेंट एग्रीमेंट कर इनको किरायेदार के तौर पर दिखाना शुरू कर दिया ताकि उनको न तो रजिस्ट्रेशन करवानी पड़ी और बिजली और पानी के कॉमर्शियल चार्जेज भी न देने पड़ें। इसके लिए रेंट एग्रीमेंट कर गड़बड़ की जा रही है। इसको लेकर मामले प्रशासन के पास भी पहुंचे हैं जिसके बाद ये प्लानिंग अब प्रशासन की है कि फ्लोर वाइज तय किया जाए कि कितने लोग रेंट पर एक फ्लोर में रह सकते हैं। दरअसल, एक फ्लोर में अभी कई पीजी को किरायेदार के तौर पर दिखाया जा रहा है, लेकिन इस प्रपोजल के फाइनल होने के बाद इस पर चैक लग सकेगा क्योंकि एक फ्लोर पर ज्यादा लोगों के साथ रेंट एग्रीमेंट बिल्डिंग ओनर्स नहीं दिखा पाएंगे। जल्द ही इसको लेकर फैसला हो होने वाला है।

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