उपलब्धि / 334 बेडेड हॉस्पिटल की बिल्डिंग ग्रीन कॉन्सेप्ट पर तैयार की, प्लेटिनम रेटिंग मिली

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 01:06 PM IST


PGI Chandigarh is first government institute whose building received platinum rating.
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PGI Chandigarh is first government institute whose building received platinum rating.

  • पीजीआई देश का पहला सरकारी इंस्टीट्यूट जिसकी बिल्डिंग को मिला यह खिताब
  • पावर और वाॅटर सेविंग के अलावा इंफेक्शन फ्री एन्वायर्नमेंट

चंडीगढ़. पीजीआई में तैयार 334 बेडेड नेहरू हॉस्पिटल एक्सटेंशन ब्लॉक को ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाने के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल ने प्लेटिनम रेटिंग दी है। यह रेटिंग ग्रीन कॉन्सेप्ट को लेकर देशभर के सरकारी हॉस्पिटल्स में सबसे अव्वल दी गई है। पीजीआई को यह रेटिंग हॉस्पिटल के हर क्षेत्र में पावर से लेकर वाॅटर सेविंग के अलावा इंफेक्शन फ्री एन्वायर्नमेंट के लिए खासतौर पर यह रेटिंग दी गई है।

 

हॉस्पिटल की कंस्ट्रक्शन सीपीडब्ल्यूडी द्वारा की गई। पीजीआई इस रेटिंग के साथ देश का पहला ऐसा सरकारी इंस्टीट्यूट बन गया है, जिसे यह रेटिंग मिली है। माना जा रहा है कि नई सरकार के गठन के बाद इस हॉस्पिटल का उद्घाटन होगा। इसके अलावा प्राइवेट हॉस्पिटल्स में देशभर में मात्र दो ही हॉस्पिटल हैं, जिन्हें रेटिंग मिली है। इनमें अपोलो हॉस्पिटल मुंबई, माधव नेत्रालय शामिल हैं।

 

सोलर पावर से 14 लाख यूनिट होंगी जेनरेट

  1. सीपीडब्ल्यूडी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजीव साव ने बताया कि 170 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस बिल्डिंग में पावर सेविंग का खास ध्यान रखा गया है। लाइट्स भी ऐसी लगाई गई जो कि मरीजों की सेहत को जल्द दुरुस्त करने में कारगर सिद्ध होंगी। यहां रखेडिया लाइट सिस्टम लगाया है। इस तरह की लाइट्स फिलहाल किसी भी प्राइवेट या सरकारी हॉस्पिटल या संस्थान में उपलब्ध नहीं हैं। यह एन्वायरनमेंट फ्रेंडली हैं। सूरज के हिसाब से जैसे-जैसे दिन ढलता है वैसे ही इन लाइट्स का रंग बदलता जाता है। उदाहरण के तौर पर शाम के बाद यह लाइट्स पीली हो जाती है। जिससे मरीज को आसानी से नींद आ जाती है।

     

  2. पीजीआई में बैक्टीरियल इंफेक्शन को लेकर खतरा बना रहता है। लेकिन यहां पर सेंटर एयर क्लीनर लगाए गए हैं, जिससे बैक्टीरिया नष्ट हो जाता है, इससे एक से दूसरे व्यक्ति इंफेक्शन फैलने का खतरा भी कम हो जाता है। इसके अलावा हॉस्पिटल में 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर हैं, उनमें इंफेक्शन कंट्रोल का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है, यहां पर यह कोशिश की गई है कि 99.9 इंफेक्शन फ्री बनाया जा सके।

     

  3. हॉस्पिटल की रूफ पर सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं, जिससे साल में लगभग 14 लाख यूनिट बिजली का प्रोडक्शन होगा। पावर सेविंग में सभी चीजों को मिलाकर करीब 4 करोड़ रुपए की बिजली की बचत होगी। इसके अलावा इसके अलावा सोलर वाटर हीटिंग प्लांट से रोजाना 10 हजार लीटर गर्म पानी मरीजों के लिए उपलब्ध होगा।

     

  4. हॉस्पिटल से निकलने वाला किचन वेस्ट और फ्रूट्स का वेस्ट से खाद बनाई जाएगी, यह खाद मरीजों के लिए बनाए जा रहे हीलिंग टच गार्डन में इस्तेमाल होगा। मेडीसनल प्लांट लगाए जाएंगे। इससे मरीजों जल्काद का स्वास्थ्य मिलेगा। 

     

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