हैल्थ / बच्चों को फिट रखना है तो स्कूल में रोजाना 45 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करवाना जरूरी



PGI launches physical education program in schools
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PGI launches physical education program in schools

  • पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने 206 स्कूलों में हेल्दी चाइल्ड प्रोग्राम चलाया
  • स्कूली बच्चों के लिए स्कूल पीटी और 45 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी जरूरी होनी चाहिए

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 09:54 AM IST

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल हेल्थ स्टैंडर्ड को पूरा करने के लिए यहां पढ़ने वाले अपनी हेल्थ को लेकर कितने सजग हैं इसे लेकर पीजीआई का स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा चंडीगढ़ के सभी 206 स्कूलों में कार्यक्रम चलाया गया। स्कूलों में वाटर सेनिटेशन, फिजिकल एजुकेशन, मेंटल हेल्थ, कम्युनिटी पार्टनरशिप, स्कूल हेल्थ सर्विस, हेल्दी स्कूल एन्वार्यनमेंट, स्कूल काउंसिलिंग इन पैरामीटर पर यह कार्यक्रम चलाया गया।

 

इसके बाद इन्हें रैंक के हिसाब से सर्टिफिकेट दिए गए हैं। जब प्रोग्राम शुरू किया गया था तो एक भी स्कूल गोल्ड कैटेगरी में नहीं था लेकिन प्रोग्राम के बाद 80 स्कूल गोल्ड रैंक पर हैं। इनमें 42 गवर्नमेंट और 38 प्राइवेट है।

 

प्रो. जेएस ठाकुर ने बताया कि इन सभी स्कूलों को हेल्थ स्टैंडर्ड के मुताबिक चार कैटेगरी में बांटा गया। जिसमें उन्हें प्लेटिनम, गोल्ड, ब्राउंज और बिलो ब्राउंज में रखा गया। इन 206 स्कूलों में सिर्फ 3 स्कूल ही प्लेटिनम कैटेगरी में आए। इसमें से चंडीगढ़ का कोई भी सरकारी स्कूल अपनी जगह नहीं बना पाया।

 

इन सभी स्कूलों में 8 स्टैंडर्ड को देखा गया कि इन स्कूलों में वाटर सेनिटेशन, फिजिकल एजुकेशन, मेंटल हेल्थ, कम्युनिटी पार्टनरशिप, स्कूल हेल्थ सर्विस, हेल्थी स्कूल एनवार्यनमेंट, स्कूल काउंसिलिंग की क्या व्यवस्था हैै। इसके बाद जिस स्कूल को जो रैंक मिला उसके मुताबिक सर्टिफिकेट दिए गए।

 

मॉडयूल को बनाकर स्कूलों को दिया गया। इसपर पीजीआई की ओर से किसी भी तरह का फंड नहीं दिया गया। स्कूलों ने अपने लेवल पर काम किया है। पीजीआई के 80 डाॅक्टर्स, काउंसलर्स और वॉलंटियर्स ने स्कूलों में आए इन बदलावों को चेक करने के बाद उन्हें रेटिंग दी है। ठाकुर ने बताया कि हेल्थ प्रोग्राम के बाद सभी स्कूलों को स्कूल में पीटी और हेल्थ एजुकेशन का पीरियड होना मैंडेटरी कर दिया गया।

 

उन्होंने कहा कि आज कल बच्चे घरों में फिजिकल एक्टिविटी करते नहीं हैं। गैजेट्स या लेपटॉप आदि पर ज्यादा समय गुजारते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों के लिए स्कूल पीटी और 45 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी जरूरी होनी चाहिए। हालांकि इन सबका उद्देश्य एक ही स्वस्थ राष्ट्र, स्वस्थ देश तभी बनेगा जब बच्चे हेल्दी होगें। जिसके लिए स्कूलों के साथ साथ पेरेंट्स को भी आगे आना पढ़ेगा।

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