चंडीगढ़ / केस सुलझाने में पुलिस नाकाम, नेहा मर्डर केस में क्राइमब्रांच ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर की क्लोजर रिपोर्ट

नेहा।- फाइल फोटो नेहा।- फाइल फोटो
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नेहा।- फाइल फोटोनेहा।- फाइल फोटो

  • पुलिस ने पुराने अपराधियों को राउंडअप भी किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली
  • अब यूटी पुलिस की इस क्लोजर रिपोर्ट को नेहा के घरवाले कोर्ट में चैलेंज करेंगे

दैनिक भास्कर

Feb 18, 2020, 02:54 PM IST

चंडीगढ़. 30 जुलाई 2010 को सेक्टर-38 वेस्ट में बीच सड़क पर रेप के बाद जिस मासूम नेेहा अहलावत की हत्या हुई थी। उसके कातिलों को तलाशने में नाकारा साबित हुई यूटी पुलिस की क्राइमब्रांच ने अब मान लिया है कि वे नेहा के हत्यारों को दबोचने में हार चुके हैं। उनके पास कोई सूचना और सुराग तक नहीं है जो नेहा के हत्यारों तक पहुंच सके। इसके बाद अब नेहा मर्डर केस में क्राइमब्रांच ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी है।

माता पिता के लिए आस हुई खत्म

करीब 10 साल से अपनी बेटी के हत्यारों के नाम जानने और हत्या का कारण जानने की आस में बैठे नेहा के माता और पिता के लिए अब आस खत्म होती जा रही है। अब यूटी पुलिस की इस क्लोजर रिपोर्ट को नेहा के घरवाले कोर्ट में चैलेंज करेंगे। ताकि दोबारा से यूटी पुलिस जांच करे और कातिलों को पकड़ने का प्रयास करे। शुरू से ही नेहा अहलावत के कातिलों को दबोचने में यूटी पुलिस नाकाम साबित हुई।

अलग-अलग थ्योरी पर किया पुलिस ने काम पर रही असफल

अब यूटी पुलिस के पास पुराने अपराधियों के फिंगर प्रिंट मिलाना ही आखिरी चारा रह गया था। पुलिस ने एनसीआरबी की फिंगर प्रिंट लैब में हत्या के वक्त मौके पर मिले फिंगरप्रिंट भेजे थे। पुलिस को उम्मीद थी कि किसी पुराने क्रिमिनल से फिंगरप्रिंट का मिलान हो जाएगा।हालांकि एनसीआरबी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा नेहा अहलावत के पास मिले मोबाइल फोन पर मिले फिंगर प्रिंट किसी भी पुराने अपराधी से मेल नहीं खाते। नेहा मर्डर केस को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने कई थ्योरी पर काम किया था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मोबाइल डंप उठाया।

नेहा के दोस्तों के लिए भी लिए गए ब्लड सैंपल 

इसके बाद पुलिस ने कई पुराने अपराधियों को राउंडअप किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। नेहा के दोस्त कुनाल और सनेश के ब्लड सैंपल जांच के लिए सीएफएसएल भेजे, लेकिन नेगेटिव रिपोर्ट आई। इतना ही नहीं क्राइम ब्रांच ने नेहा के संपर्क में रहे बितेश, सचिन, हितेश, सागर और एक अन्य दोस्त का नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाया, लेकिन गांधी नगर लैब ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। पुलिस ने मौके से मिले डीएनए और 2 संदिग्धों के नमूने सीएफएसएल को भेजे थे, लेकिन मैच नहीं हुए। चंडीगढ़ पुलिस ने नेहा की हत्या के बाद उसके कपड़े जांच के लिए सीएफएसएल भेजे थे। विशेषज्ञों ने साफ किया कि नेहा की हत्या से पहले उसके साथ रेप किया गया। 2013 में सीएफएसएल रिपोर्ट आने के बाद नेहा के केस में हत्या के बाद रेप की धारा जोड़ी थी।
 

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