सड़क हादसे में गर्भवती महिला की मौत, बच्चे को बचाने के लिए करवाई डिलीवरी

2 वर्ष पहले
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मृत महिला को ओटी में ले जाते अस्पताल कर्मचारी - Dainik Bhaskar
मृत महिला को ओटी में ले जाते अस्पताल कर्मचारी
  • महिला के मुंह के ऊपर से निकला ट्रक का टायर, नवजात की स्थिति फिलहाल नाजुक
  • 17 नवंबर को शादी की दूसरी सालगिरह के लिए पत्नी को मायके से लेने गया था पती, इसी दौरान हुआ हादसा

पंचकूला. एक दर्दनाक हादसे में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई है। महिला आठ महीने की गर्भवती थी। उसके मुंह के ऊपर से ट्रक निकलने से महिला की मौत हो गई है। हादसे के बाद पंचकूला के जनरल अस्पताल में महिला की डिलिवरी करवाई गई ताकि बच्चे को बचाया जा सके।
 
महिला को लड़का हुआ। पांच डॉक्टरों की टीम बच्चे को बचाने में जुटी, पर फिलहाल बच्चे की हालत भी नाजुक बनी हुई है। नवजात को  फिलहाल अस्पताल के सेकंड फ्लोर स्थित निक्कू वार्ड में एंबु बैग पर रखा गया है। उसकी धड़कन बार-बार गायब हो रही है।
 
डॉक्टरों की मानें तो उसे फिलहाल मेडिकेशन में रखा गया है और बीच – बीच में पीजीआई व जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। बच्चे की जान बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।डॉक्टरों के मुताबिक उन्होंने पहले बच्चे की धड़कन सुनने की कोशिश की और वह सुनाई दे रही थी।
 
बच्चे की धड़कन 60 से 90 के बीच में थी जो कि नॉर्मली 140 के करीब होता है। तुरंत सर्जरी करके बच्चे को पेट से निकाला गया। बच्चा हेल्दी था और उसका वजन करीब 3 किलोग्राम का था। बच्चे का हार्ट भी था और रेसपिरेशन भी था और बच्चा हेल्दी था लेकिन मां करीब एक घंटे से सांस नहीं ले रही थी और उसकी वजह से बच्चे के भीतर ऑक्सीजन खत्म हो चूका था और उसका शरीर नीला पड़ चुका था।
 
ऐसे केस में बच्चे के बचने के चांस काफी कम होते हैं लेकिन 0.1 परसेंट चांस तक हमें बच्चे के बचने की उम्मीद होती है। हमने रेसीसिटेशन मैथर्ड से हमने उसके हार्ट रेट को वापिस लाने को कोशिश की। करीब 5 मिनट बाद उसका हार्ट रेट वापिस आ गया लेकिन रेसपिरेशन नहीं आया। जिसके बाद हमने एंबु बैग पर बच्चे को रखा। उसका हार्ट बीच बीच में डिप कर रहा है।
 
मॉनिटर्स के माध्यम से हम बच्चे पर नजर रख रहे हैं। हुआ क्या है कि मदर की डेथ के बाद हादसे की जगह पर करीब आधे घंटे का समय बर्बाद हुआ और उसके बाद वहां से पंचकूला हॉस्पिटल में लाने में देरी लगी और उसके बाद उसे सीजेरियन से निकालने में समय लगा और इतनी देर तक बच्चे को ऑक्सीजन नहीं मिला क्योंकि बच्चे की मां सांस नहीं ले रही थी।
 
मृत महिला का नाम सोनिया और पति का नाम तरसेम है। महिला के पति तरसेम ने बताया कि उसका ससुराल चंडीकोटला है। कल रविवार 17 नवंबर को शादी की दूसरी सालगिरह थी। इसलिए वह पत्नी को लाने गया था। रास्ते में यह हादसा हुआ।
 

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